घंटाघर स्थित गणेश मंदिर के बाहर बैठे भिखारी की शनिवार को मौत हो गई और पुलिस ने जब भिखारी की पहचान के लिए तलाशी ली तो उसके शरीर पर रस्सी से 9 हजार 950 रुपये के नोट बंधे मिले। पुलिस ने नगदी को मालखाने में जमा कराके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम में मौत की वजह टीबी मिली है। उधर चर्चा उड़ गई कि भिखारी के शरीर पर दो लाख की नगदी मिली है। हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया है। घंटाघर पर गणेश मंदिर के बाहर करीब एक साल से 70 वर्षीय बुजुर्ग भीख मांगता था। उसका मानसिक संतुलन भी ठीक नहीं था। गुरुवार को बुजुर्ग की सांसे थम गईं।
सूचना पाकर सुतरखाना चौकी प्रभारी फोर्स के साथ पहुंचे। उन्होंने पंचायतनामा भरने के पहले भिखारी की तलाशी कराई। उसके पेट और सीने में रस्सी से नोट बंधे मिले। भिखारी के पास हजारों की नकदी मिलने की सूचना पर सीओ कलक्टरगंज ममता कुरील और एसओ हरबंश मोहाल घनश्याम यादव खुद मौके पर पहुंचे।
एसओ ने बताया कि भिखारी के पास 9 हजार 9 सौ 50 रुपये मिले हैं। पहचान न होने से अज्ञात में पंचायतनामा कर शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया था। इधर, इलाकाई लोगों का कहना है कि भिखारी काफी स्वाभिमानी था।
वह किसी भी दुकानदार से कोई सामान खरीदता है तो फौरन पैसा देता था। पास में चाय की दुकान वाले ने बताया कि वह 10 रुपये वाली स्पेशल चाय पीता था।