माती जिला कचहरी में गुरुवार को पेशी पर आए बंदियों को उनके परिजन खाना देने लगे। खाना देने से जब पुलिस ने रोका तो परिजनों ने जमकर हंगामा काटा।
परिजनों का कहना था कि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बंदियों को खाना तक नहीं देने देते और अभद्रता करते हैं। इधर, कचहरी में बवाल की सूचना पर भारी पुलिस बल भी पहुंच गया।
बवाल दो घंटे तक चला। इस दौरान पुलिस और बंदियों के परिजनों से धक्का मुक्की भी हुई। जिला कचहरी में पेशी के लिए बंदी रोजाना जिला जेल से लाए जाते है। जिन बंदियों की पेशी होती है उनकी पैरवी के लिए परिजन भी कचहरी आते हैं।
परिजन विभिन्न आरोपों में जेल में बंद अपने लोगों के लिए खाना व अन्य समान लाते हैं। इसी को देने को लेकर अक्सर पुलिसकर्मी परिजनों से अभद्रता करते हैं। इसी बात का गुस्सा परिजनों और बंदियों में पनप रहा था।
गुरुवार को यही नाराजगी उग्र हो गई ओर जब बंदी की महिला परिजन से पुलिसकर्मी ने अभद्रता कर दी। इस बात लेकर माती जिला न्यायालय के बंदीगृह में बंदियों और पुलिस कर्मियों में जोर-जोर से बहस हो गई।
इस दौरान पुलिस कर्मियों ने परिजनों से धक्कामुक्की कर दी। बवाल बढ़ता देख मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। पूरे कोर्ट परिसर लगभग दो हजार लोगों की भीड़ इधर-उधर भागने लगी।
बवाल की सूचना पुलिस आफिस जैसी ही पहुंची पुलिस लाइन फोर्स भेजा दिया गया। आनन-फानन सभी बंदियों को जिला जेल गाड़ी में बैठाकर भेजा दिया गया।
सीओ पुलिस लाइन ने मौके पर जाकर परिजनों को समझाया और परिजनों का खाना दिलवाया तब कहीं जाकर बवाल शांत हुआ। परिजन गंभीर सिंह निवासी सिलहरा, श्यामा देवी, जफराबाद तारादेवी, प्रेमलता कुर्सीखेड़ा आदि ने बताया कि पुलिसकर्मी पेशी दौरान मिलने आने वालों से अभद्रता करते हैं। कई बार तो धक्कामुक्की भी करते हैं। सीओ पुलिस लाइन ने बताया कि खाना देने के लेकर धक्का मुक्की हो गई थी। कैदियों के परिजनों को खाना दिला दिया गया था। सभी परिजन इस पर शांत हो गए थे।