चित्रकूट में प्रसव के बाद अचानक प्रसूता की हालत बिगड़ी तो डाक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था की वजह से एंबुलेंस प्रसूता को समय पर नहीं मिल सकी। जिसके चलते वह जिंदगी की जंग हार गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके चलते जान चली गई। नवजात स्वस्थ है।
भरतकूप चौकी क्षेत्र के ग्राम ब्यूर रसिन का है। गांव के दादू भाई ने बताया कि पत्नी गीता (35) को गुरुवार की सुबह प्रसव दर्द के चलते एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन नंबर नहीं लगा। जिसके कुछ देर बाद घर में ही प्रसव हो गया। जब प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन निजी साधन से शिवरामपुर सीएचसी लेकर आए।