यूपी के हरदोई जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां सड़क हादसे में गर्भवती महिला की मौत के बाद पुलिस के अमानवीय पहलू ने लोगों को आक्रोशित कर दिया। जानें पूरा मामला...
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महिला को रौंदने के बाद पलटी पिकअप
- फोटो : अमर उजाला
यह घटना हरदोई जिले के बेहटा गोकुल की है। सोमवार तड़के हादसे के बाद पुलिस दो बार मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों ही बार शव को नहीं उठाया। इस पर भड़के ग्रामीणों ने हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग जाम कर दिया।
दो घंटे बाद सीओ व एसडीएम सदर ने आश्वासन देकर जाम खुलवाया। शाम को एसपी विपिन मिश्र ने देहात कोतवाल राकेश चंद्र आनंद को लाइन हाजिर और दरोगा हरीश कुमार को सस्पेंड कर दिया।
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बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में जान गंवाने वाली कांती देवी (45) अटवा असिगांव निवासी रामस्वरूप की पत्नी थी। वह सुबह पांच बजे शौच के लिए सड़क पार कर रही थी, तभी पिकअप उसे रौंदते हुए पलट गई। ग्रामीणों ने चालक और हेल्पर को दबोचकर पीटा, फिर यूपी 100 पुलिस को सौंप दिया।
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हादसे के बाद हरदोई-शाहजहांपुर मार्ग पर लगया जाम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस दोनों को लेकर देहात कोतवाली चली गई। शव मौके पर ही पड़ा रहा। इस बीच देहात कोतवाली के दरोगा हरीश कुमार आए और चौकीदार से शव उठवाकर पोस्टमार्टम को भेजने को कहकर चले गए।
दरोगा के भी चले से जाने से ग्रामीण भड़क गए। सभी जाम लगाकर नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर दरोगा हरीश कुमार फिर आए, मगर इस बार भी चौकीदार को शव उठवाकर पोस्टमार्टम को भेजने के लिए कहकर चले गए। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया।
मामला गंभीर हुआ तो कोतवाल राकेश चंद्र आनंद पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच सीओ सिटी विजय राना और एसडीएम सदर ओपी गुप्ता भी आ गए। इन लोगों ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
सीओ ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। शाम को एसपी ने लापरवाही बरतने पर देहात कोतवाल और दरोगा पर कार्रवाई कर यूपी 100 में तैनात पुलिस कर्मियों की भूमिका की जांच के निर्देश भी दिए।