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महिलाओं में बांझपन के साथ बड़ रहा है इस लाइलाज बीमारी का खतरा, संभव है इसका इलाज

Sat, 08 Jun 2019 01:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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गर्भवती महिला (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : shutterstock
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कानपुर में हाईरिस्क प्रेग्नेंसी फाउंडेशन की तरफ से आयोजित कार्यशाला में अहमदाबाद की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कांति बंसल ने बताया कि बच्चेदानी की झिल्ली यदि बच्चेदानी के बजाय ओवरी या आंतों से चिपक जाए तो बांझपन, कैंसर का खतरा रहता है।
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दवाओं, आपरेशन से इसका इलाज संभव है। होटल रॉयल क्लिफ में आयोजित कार्यशाला में डॉ. कांति ने बताया कि इस बीमारी को एंडो मेट्रियोसिस कहते हैं। इस बीमारी में बच्चेदानी की झिल्ली ओवरी या आंतों में चिपकने के बाद धीरे-धीरे उसमें ब्लड एकत्रित होता जाता है, जो सिस्ट में तबदील हो जाती है।

इसमें कैंसर का भी खतरा रहता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रीता मट्टू ने किया। इसमें मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. आरती लाल चंदानी, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा अग्निहोत्री, डॉ. रीता मित्तल, डॉ. कंचन शर्मा आदि शामिल रहीं।
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