‘मैं प्रीति से बहुत प्यार करता था। उसने मेरे साथ 16 साल बिताए। लेकिन इधर कुछ दिनों से उसे किसी ने मुझसे चुरा लिया था। उसका मन घर और बच्चों में नहीं लग रहा था।
झुलसी अवस्था में मिली थी प्रीति
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मैंने उसे हरगिज नहीं मारा। उसने खुदकुशी की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चल जाएगा’। यह कहना है कि तीन दिन पूर्व बदौसा थाना क्षेत्र के पौहार गांव में अपनी पत्नी के कथित हत्यारे पति लाल सिंह का। वह झुलसी अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती है।
लाल सिंह ने बताया कि कुछ दिनों से प्रीति की प्रीत पड़ोसी से हो गई थी। वह अपने तीन मासूम बच्चों पर भी ध्यान नहीं दे रही थी। इस बात को लेकर उसने कई बार समझाया। घटना वाले दिन सुबह बच्चे बाहर सड़क पर खेल रहे थे। इस पर उसने प्रीति को दो-तीन थप्पड़ जड़ दिए कि बच्चों को सड़क पर खेलने से क्यों नहीं रोकती। हालांकि इसके बाद उसने उसे बैठकर समझाया।
बच्चों के बिना नहीं रह पाऊंगा जिंदा
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प्रीति मान गई और उसे चाय बनाकर लाई। खुद भी चाय पी। घर का माहौल पूरी तरह खुशगवार था। लाल सिंह का कहना है कि इसी बीच वह आटा चक्की के लिए घर से निकला। तभी प्रीति ने खुद को आग लगा ली। वह भागकर वापस लौटा और घर में धान से भरे बोरे खाली करके आग बुझाई। लाल सिंह का कहना है कि प्रीति ने उसकी बाहों में ही दम तोड़ा। लाल सिंह के मुताबिक कैंची या डंडे से चोट पहुंचाने की बातें बेबुनियाद हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुद सामने आ जाएंगी। प्रीति ने खुदकुशी की है।
बच्चों के बिना नहीं रह पाऊंगा जिंदा
‘बच्चों के बिना जिंदा नहीं रह पाऊंगा। अब प्रीति के बाद वही उसकी निशानी और अमानत है। यह कहते हुए लाल सिंह फफक पड़ा। बताया कि शुक्रवार को शाम ही तीनों बच्चों से फोन पर बात हुई है। वह उसके पास आना चाह रहे हैं। लेकिन वह नहीं चाहता कि बच्चे उसे अस्पताल में जली अवस्था में देखें। बच्चे डर सकते हैं। इसलिए बच्चों को बहला-फुसलाकर मना कर दिया है। लाल सिंह का दावा है कि उसके बच्चे कभी उससे जुदा नहीं हो सकते’।