लजीज व्यंजनों का उठाया लुत्फ
जूना अखाड़ा के गुरुमूर्ति अरुण भारती महाराज, विवेक पुरी महाराज, अटरीवंत महाराज, अवधेशानंद महाराज ने भक्तों का स्वागत अभिनंदन करते हुए महाप्रसादी स्वयं वितरण किया। करीब एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने शुद्ध देसी घी से निर्मित मटर-पनीर, राजमा, मिक्स वेज, छोले, चावल व हलुवा महाप्रसाद के रूप में ग्रहण किया।
मंदिर का किया गया भव्य श्रृंगार
मंदिर के मुख्य द्वार पर नंदी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई। पूरे मंदिर परिसर व गंगा तट को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों व मंदिर जाने वाले मार्गों को 500-500 मीटर तक सजाया गया था। साथ ही मां पार्वती व भोलेनाथ की 3.50-3.50 फीट की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई।
भजनों पर झूमते रहे श्रद्धालु
भंडारा के साथ ही गंगा तट पर देर शाम भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। भोले बाबा की है शादी, हम तो नाचेंगे, जय-जय भोले भंडारी, शिव की लीला शिव ही जाने जैसे भजनों पर बाबा के भक्त देर रात तक जयकारें लगाते हुए झूमते रहे। इस दौरान पुष्पवर्षा भी की गई।