शब-ए-बराअत पर गुरुवार को लोगों ने अपने पुरखों की कब्रों पर रोशनी कर मगफिरत की दुआ की। सुबह से ही लोग कब्रों पर पहुंचकर साफ-सफाई करते रहे। शाम को उन्हें फूलों से सजाया। अगरबत्ती सुलगाई और मोमबत्तियां जलाकर कब्रों को रोशन किया। घरों और मस्जिदों में सारी रात इबादत की गई। चुन्नीगंज, ईदगाह, कर्नलगंज, बाबुपुरवा सहित अन्य कब्रिस्तानों में लोगों का रात में आना-जाना लगा रहा।
बकरमंडी, ग्वालटोली, बाबुपुरवा, सुजातगंज, जाजमऊ, हलीम कॉलेज समेत अन्य क्षेत्रों में जलसों का आयोजन किया गया। यहां उलेमाओं ने लोगों से अपील की कि गरीबों की मदद करें और मोहताजों को खाना खिलाएं। बकरमंडी में आयोजित जलसे में शहरकाजी साकिब अदीब मिस्बाही ने कहा कि आज की रात में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। तौबा करें और गुनाहों की माफी मांगे। गरीबों को राशन किट दें।
आज की रात में नफिल और जो नमाजें छूट गई हैं, उनकी कजा पढ़ें। आज की रात अल्लाह की रहमत होती है, जो भी दुआएं मांगों वो कुबूल होती हैं। यहां पर मौलाना उबैदुर्रहमान, कारी कासिम हबीबी, कारी सगीर आलम हबीबी, मौलाना शाह आलम, मुफ्ती रफीक अहमद आदि रहे।
कैंप लगाकर चाय और पानी का किया वितरण
बेगमपुरवा ईदगाह के बाहर कैंप लगाकर आने-जाने वालों को चाय और पानी का वितरण किया गया। आयोजन पार्षद अकील शानू ने किया था। यहां पर क्षेत्रीय विधायक हसन रूमी, जिबरान उस्मानी, शमीम सिद्दीकी, दानिश अख्तर, जिब्रान उस्मानी, हम्जा अंसारी आदि रहे।