जालौन जिले में कोंच कस्बा कैलिया में रविवार की देर रात प्रधान से पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों मारपीट व दर्जनों राउंड फायरिंग हुई जिससे गांव में दहशत फैल गई। फायरिंग व पथराव के अलावा दोनों पक्षों के लोगों में जमकर लाठी डंडे चले।
जिसमें चार लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 19 लोगों को हिरासत में लिया है। लगभग दर्जन भर दुपहिया और चार पहिया वाहन तथा कई असलहे भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। वहीं सूचना पाकर एएसपी, सीओ व कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। तनाव देखते एएसपी ने फोर्स तैनात करा दिया।
कैलिया में पुरानी रंजिश को लेकर रविवार की शाम लगभग साढ़े सात बजे दो पक्षों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी जो देर रात लगभग बजे खूनी संघर्ष तब्दील हो गई। शाम को गांव के बालाजी गुर्जर का भतीजा आशू ग्राम प्रधान हरीमोहन निरंजन के दरवाजे पहुंच गया तो कबड्डी वाली घटना याद आते ही प्रधान के भतीजे सूर्यांशु ने उसे वहां से चले जाने के लिए कहा जिस पर दोनों में कहासुनी हो गई।
इसके बाद देर रात तमाम स्थानीय और बाहरी और आसपास के गांवों के दर्जनों लोगों ने प्रधान के घर पर हमला बोल दिया। इस दौरान दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग भी हुई और जमकर लाठी और पत्थर चले जिसमेें सूर्यांशु पुत्र अनिल, बलराम पुत्र भागीरथ, कन्हैया पुत्र कालीचरन, अनुज पुत्र कमलेश पटेल समेत आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
जिन्हें रात में अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई। एसएचओ विनय दिवाकर थानेे मेें उपलब्ध फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और रात में ही धरपकड़ अभियान चला कर 19 लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस को मौके से नौ बाइकें और तीन चार पहिया वाहन भी मिले। घटना के बाद रात भर पुलिस खासी हलकान रही। सीओ राहुल पांडे रात में ही गांव पहुंचे जबकि सोमवार की सुबह अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने गांव पहुंच कर घटना स्थल का जायजा लिया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने ब्रजपाल पुत्र रामशरण, रामवीर पुत्र महेंदर, श्यामू पुत्र ब्रजपाल, सोमपाल, यशवीर पुत्रगण रामकुमार सभी निवासी कैलिया तथा गुन्नू निवासी लोहागढ़ को नामजद करते हुए बीस-पच्चीस अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट सहित कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं गांव में तनाव को देखते हुए एएसपी ने पुलिस फोर्स तैनात कर दिया।
घंटे भर बाद पहुंची पुलिस खोखे बटोरती रही
इलाकाई लोगों ने बताया कि प्रधान व दूसरे पक्ष की ओर से करीब 30 मिनट तक मारपीट और फायरिंग का सिलसिला चलता रहा। इसके 30 मिनट बाद ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खोखा बटोरती नजर आई। मतलब एक किमी. की दूरी पर स्थित थाने की पुलिस को एक घंटे तक घटना का पता ही नहीं चला। जबकि वारदात इतनी गंभीर थी कि एक दो लोगों की हत्या भी हो सकती थी।
घटना में प्रयुक्त हुए लाइसेंसी असलहे
कैलिया में दो पक्षों में हुई खूनी झड़प में हुई फायरिंग की घटना में खुल कर लाइसेंसी असलहों का प्रयोग हुआ। पुलिस ने तलाशी अभियान के दौैरान दो राइफलें 315 बोर तथा एक रिवाल्वर बरामद कर कब्जे में लिए हैं। ये तीनों ही असलहे लाइसेंसी बताए गए हैं। राइफलें महेन्द्र सिंह व ब्रजपाल की तथा रिवाल्वर इंद्रमन सिंह की बताई गई है। मौके सेे पुलिस ने 19 लोगों सहित 9 बाइकें, 3 चार पहिया वाहन भी बरामद कर थाने में दाखिल कराए हैं।
पुलिस को पता ही नहीं थी खूनी रंजिश
कैलिया में हुए खूनी संघर्ष की नींव रक्षाबंधन के दिन कबड्डी के दौरान पड़ गई थी। उस घटना के बाद अगर दोनों पक्षों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई पुलिस द्वारा की गई होती तो शायद रविवार को इतनी बड़ी घटना नहीं होती। हालांकि इस संबंध में सीओ से जब बात की गई तो उन्होंनेे बताया कि उक्त घटना पुलिस के संज्ञान में ही नहीं आई थी नहीं तो पुलिस अपनी कार्रवाई जरूर करती। उन्होंने यह भी कहा कि घटना में जो लाइसेंसी असलहे प्रयुक्त हुए हैं उनके निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।