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जालौन: झोपड़ी में चल रही अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में केमिकल और उपकरण बरामद, चार तस्कर भी पकड़े

Sat, 05 Sep 2020 11:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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पकड़े गए गिरोह के सदस्यों के साथ पुलिस अधिकारी व टीम - फोटो : अमर उजाला
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जालौन जिले के उरई में एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से एट पुलिस ने झोपड़ी में चल रही अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार शराब तस्करों को भी पकड़ा है। झोपड़ी से भारी मात्रा में अवैध शराब बनाने के लिए रखा केमिकल और उपकरण भी बरामद किया है।
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घटना का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त पिछले काफी समय से जनपद ही नहीं बल्कि सीमा के जनपदों और एमपी तक में अवैध शराब का कारोबार कर रहे थे। भंडाफोड़ करने वाली पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।

एएसपी ने बताया कि पुलिस को सटीक सूचना मिली कि एट के सोमाई हाईवे से हरदोई गूजर वाले मार्ग पर रेलवे क्रासिंग के पास कुछ लोग अवैध शराब का कारोबार कर रहे हैं। इस पर पुलिस टीम ने शुक्रवार की रात दबिश दी तो वहां दो व्यक्ति शराब में मिलाने वाले केमिकल के साथ हाथ लगे, उनकी निशानदेही पर नजदीक ही स्थित अजनारा गांव में दबिश देने पर फूलसिंह के खेत पर बनी झोपड़ी के भीतर से दो व्यक्ति शराब बनाने के उपकरण व कच्चे माल के साथ पकड़े गए।
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पकड़े गए चारों लोगों के नाम धर्मेंद्र राजपूत निवासी उरई, साहिल प्रजापति निवासी आटा, राकेश शिवहरे महाराजपुरा ग्वालियर और राजू शुक्ला निवासी बकेवर जनपद इटावा हैं। गिरोह का सरगना राकेश शिवहरे है।

जिस पर जनपद के अलावा आसपास के थानों में भी कई मामले दर्ज है। राकेश पिछले काफी समय से अवैध शराब के कारोबार में लिप्त है। एसपी ने बताया कि मौके से करीब 4000 लीटर केमिकल, क्वार्टर की खाली बोतले, रैपर, छक्कर आदि बरामद हुए हैं।

गिरोह का भंडाफोड़ करने वाले थाना प्रभारी कमलेश कुमार, एसओजी के प्रवीण कुमार और सर्विंलास के अजय कुमार सिंह व उनकी पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
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महीने में 24 लाख की शराब का कारोबार
एट थाना प्रभारी के मुताबिक गिरोह दिल्ली से केमिकल लाकर अवैध देशी शराब बनाता था। एक सप्ताह में करीब 15 हजार क्वार्टर देशी शराब बनाकर बेची जाती थी। महीने में करीब 24 लाख का अवैध कारोबार चारों मिलकर करते थे।

बार्डर के ग्रामीण इलाकों में करते थे बिक्री
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह जनपद के चारों ओर हमीरपुर, औरैया, भिंड और कानपुर देहात की सीमाओं पर नदी किनारे अवैध शराब की बिक्री अधिक करते थे क्योंकि वहां पर पुलिस की चहलकदमी काफी कम रहती है।

लॉकडाउन में भी जमकर बेची अवैध शराब
इलाकाई लोगों ने पुलिस को बताया कि शराब तस्कर पिछले काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय है। लॉकडाउन के दौरान गिरोह के सेल्समैनों ने जमकर शराब बिक्री की। उस वक्त भी पुलिस से शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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