फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: घर के लिए मिला सरकारी धन 1300 लाभार्थी कर गए हजम, 20 करोड़ की धनराशि की गई थी आवंटित, पढ़ें पूरा मामला

Sun, 25 Feb 2024 09:28 AM IST
हिमांशु अवस्थी रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बन रहे आवासों का सत्यापन हुआ, तो फर्जीवाड़ा सामने आया है। 1300 लाभार्थी घर के लिए मिला सरकारी धन हजम कर गए हैं। इन लाभार्थियों को- 20 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 1300 लाभार्थियों ने घर बनवाने के लिए मिले सरकारी धन को हजम कर लिया है। शासन ने डूडा विभाग से पूर्ण आवासों की सूची मांगी, तो विभाग ने सत्यापन कराया। सत्यापन में पता चला कि इन लाभार्थियों को आवास के लिए एक या दो किस्तें दी गई थीं। करीब 20 करोड़ रुपये इन्हें आवंटित किया गया, पर पांच वर्ष बाद भी इनके आवास नहीं बन सके हैं।

विज्ञापन

पीएम आवास योजना शहरी के तहत डूडा विभाग तीन लाख तक सालाना आय वाले लोगों को मकान बनाने के लिए तीन किस्तों में 2.50 लाख रुपये की धनराशि देता है। पहली किस्त 50 हजार और दूसरी 1.50 लाख, तीसरी किस्त के रुपये में 50 हजार रुपये दिए जाते हैं। वर्ष 2019 से 2023 तक 9489 पात्र लाभार्थियों को धन आवंटित किया गया था। लगभग सभी लाभार्थियों को पहली और दूसरी किस्त की धनराशि जारी कर दी गई थी।

पहली किस्त का पैसा कार्य शुरू करने से पहले और दूसरी किस्त नींव भरने के बाद खाते में भेजी गई थी। शासन ने जब आवास निर्माण की सूची मांगी तो पता चला कि 8184 लाभार्थियों ने मकान बनवा लिया लेकिन 1300 लाभार्थियों ने मकान नहीं बनाया। डूडा विभाग भी पैसा देकर ये जानने की जहमत नहीं उठा पाया कि आवास बने या नहीं।

केस- वन
महाराजपुर क्षेत्र के छतमरा तिलसहरी खुर्द के रहने वाले प्रशांत कुमार ने वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में आवेदन किया था। जांच में पात्र मिलने के बाद इन्हें वर्ष 2019 में पहली किस्त भेजी गई। नींव भरने के बाद 1.50 लाख रुपये की दूसरी किस्त भी खाते में भेजी गई पर इन्होंने मकान नहीं बनवाया।

केस- दो
मसवानपुर की रहने वाली कल्पना को वर्ष 2021 में पहली किस्त भेजी गई थी। इसके बाद 2022 में इन्हें दूसरी किस्त भी भेज दी गई। इसके बावजूद इन्होंने नींव भरने के बाद मकान का निर्माण नहीं कराया।

ये होती है प्रक्रिया
आवेदन पहले नगर निगम के जोनल अधिकारी की लॉगइन पर पहुंचते हैं। सभी जोनल अधिकारी अपने-अपने जोन के आवेदन पत्रों की जांच राजस्व निरीक्षक से कराते हैं। पात्र लोगों की सूची बनाकर डूडा विभाग को भेज देते हैं। डूडा उसी सूची के अनुसार लाभार्थी के खाते में पहली किस्त की धनराशि जारी कर देता है। दूसरी किस्त मकान की नींव भरने की फोटो पोर्टल पर अपलोड होने के बाद जारी करता है। तीसरी किस्त छत पड़ने की फोटो अपलोड करने के बाद जारी होती है।

एक नजर आंकड़ों पर

वर्ष         अपूर्ण आवास
2019          38
2020         387
2021         867
2023         08
विज्ञापन

शासन के निर्देश के बाद सत्यापन कराया गया था। 1300 लाभार्थी से मिले हैं, जिन्होंने पैसा ले लिया लेकिन आवास नहीं बनवाया। ऐसे लोगों को नोटिस जारी करके उनसे वसूली की जाएगी।  -तेज प्रताप सिंह, परियोजना अधिकारी, डूडा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें