फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पीपीपी मॉडल

Tue, 07 Jun 2016 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
विज्ञापन
औद्योगिक अभिप्रेरणा अभियान - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कानपुर। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (यूपीएसआईसी) की ओर से प्रस्तावित पीपीपी मॉडल के इंडस्ट्रियल इस्टेट को शासन से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। एक माह में यह प्रस्ताव धरातल पर दिखेगा। योजना को अमली जामा पहनाने से पहले शासन ने कुछ बिंदुओं पर असहमति जताई थी। इस पर यूपीएसआईसी की ओर से संशोधित प्रस्ताव विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया गया है। कैबिनेट की अगली मीटिंग में इस पर मुहर लगने की उम्मीद है। 
विज्ञापन

मई में यूपीएसआईसी कार्यालय में हुई बोर्ड मीटिंग में एमडी मनोज सिंह ने अधिकारियों को इस दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए थे। इस प्रस्ताव के तहत पहले 25 से 100 एकड़ में इंडस्ट्रियल शेड बनाए जाने थे। नए प्रस्ताव में 15 से 100 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र बसाया जाना है। शासन का मानना है कि छोटी जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र बसाने से ज्यादा लोगों को रुझान बढ़ेगा। यूपीएसआईसी सिर्फ फैसिलेटर की भूमिका अदा करेगा। 
यूपीएसआईसी ने पकड़ी गति 
पिछले एक साल में यूपीएसआईसी ने गति पकड़ी है। बंदी की आशंकाओं से घिरे इस निगम ने एक साल के दौरान कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया   है। पीपीपी मॉडल के औद्योगिक  क्षेत्रों के विकास से इस निगम को संजीवनी मिलेगी। विभागीय सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में शासन की ओर से निगम को  कई और बड़े कामों में लगाया           जा सकता है। 
विज्ञापन

इसलिए बन रहा डाटा बैंक
सूक्ष्म और लघु उद्योगों से हर साल 20 फीसदी सरकारी खरीद की अनिवार्यता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पहले सरकार ने पूर्व अनुभव और टर्नओवर की बाध्यता खत्म की। इसके बाद भी छोटी यूनिटों से खरीद नहीं बढ़ी। पब्लिक सेक्टर यूनिटों ने तर्क दिया कि उन्हें जो वस्तु चाहिए, वह एमएसएमई यूनिटें बनाती ही            नहीं और जो बनाती हैं, उनका रिकार्ड उनके पास नहीं है। इस पर केंद्र ने सभी यूनिटों का डाटा तैयार करने के निर्देश दिए,  जिसमें उद्यमी के उत्पाद से संबंधित           हर तरह का ब्योरा होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें