कानपुर। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ देश के पावर सेक्टर पर साइबर हमलों को नाकाम करने के लिए पावर योद्धा तैयार कर रहा है। यह योद्धा न सिर्फ साइबर हमले को रोकेंगे, बल्कि त्वरित कार्रवाई कर खतरा टालेंगे। इनके लिए आईआईटी के सीथ्रीआई हब में विशेष प्रशिक्षण शुरू हो गया है, जिसमें उन्हें हमले से बचाव, चुनौतियां, पहचान, एआई टूल की देंगे जानकारी। यह कार्यक्रम मिनिस्ट्री ऑफ पावर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
आईआईटी देश के चुनिंदा 30 पावर तकनीक अधिकारी कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा की तकनीक सिखा रहा है। इसके लिए छह कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। सभी योद्धाओं का चयन मिनिस्ट्री ऑफ पावर की ओर से किया गया है।
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ऊर्जा क्षेत्र में साइबर हमले की संभावना
आने वाले समय में क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर अटैक होने की अधिक संभावनाएं हैं। इन हमलों को रोकना बड़ी चुनौती है। यही कारण है कि अलग अलग क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अलग अलग विभागों के आधार पर आईआईटी कानपुर के सीथ्रीआई हब के विशेषज्ञों ने विशेष साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम तैयार किया है।
सुरक्षा चुनौतियों से निपटना सिखाया
साइबर योद्धाओं को शुरू हुई कार्यशाला में साइबर खतरे, इंडस्ट्री में सामने आ रही सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए व्यावहारिक अनुभव और साइबर सुरक्षा सिमुलेशन पर विशेष जोर दिया गया। बिजली संयंत्रों, सबस्टेशनों और औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों में इस्तेमाल होने वाली मशीन और कंट्रोल सिस्टम की साइबर सुरक्षा जरूरी है। डाटा सिक्योरिटी, साइबर अटैक सिमुलेशन एवं त्वरित प्रतिक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई है। यह जानकारी सीथ्रीआई हब के चीफ स्ट्रैटजी ऑफिसर आनंद हांडा की देखरेख में विशेषज्ञों की टीम देगी।