यूपी के उन्नाव जिले में फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के कोड़री में तेल और प्राकृतिक गैस की तलाश में चल रही बोरिंग चर्चा का विषय बनी हुई है। कोड़री गांव में प्राकृतिक गैस की तलाश के बाद केंद्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग की टीम ने बांगरमऊ के खजुरिया में डेरा डाल दिया है। खजुरिया के कटरी क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दो सौ फीट से अधिक गहराई तक बोरिंग की गई। इसके अलावा क्षेत्र में आम आदमी के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। आपको बता दें कि इससे पहले यह जिला जमीन में दबे खजाने की वजह से चर्चा में आया था। एक बार फिर से उन्नाव जिला प्राकृतिक गैस के स्रोत की संभावना की वजह से सुर्खियों में आ गया है।
खेत में बोरिंग के बाद टीम ने एक विस्फोट भी कराया...
गांव में बोरिंग करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार की तलाश में केंद्रीय टीम ने खजुरिया में डेरा डाल रखा है। आधुनिक मशीनों से क्षेत्र में पांच स्थलों को चिह्नित कर बोरिंग की जा रही है। टीम ने सबसे पहले गांव के रामअवतार कुशवाहा के खेत को चिह्नित किया था। ग्रामीणों ने बताया कि खेत में बोरिंग के बाद टीम ने एक विस्फोट भी कराया। टीम के सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विस्फोट से जमीन की गहराई में डेढ़ किलोमीटर के रेडियस में एक कैविटी बन जाती है। भूगर्भ में अगर तेल होता है तो उसका रिसाव होगा। उन्होंने बताया कि बोरिंग कर खोदे गए गड्ढे को बंद कर दिया गया है।
गंगा की तलहटी में तेल और गैस का भंडारण होने की संभावना है
गांव में बोरिंग करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग की टीम ने कन्नौज से तेल व प्राकृतिक गैस भंडारण की तलाश शुरू की थी। टीम के अधिकारियों ने बताया कि लगभग सौ किलोमीटर के दायरे में गंगा की तलहटी में तेल और गैस का भंडारण होने की संभावना है। जिससे बोरिंग कर विभिन्न स्थानों पर कैविटी बनाई जा रही है।