कानपुर देहात। तीसरे दिन शुक्रवार को क्रय केंद्रों की पॉप (प्वाइंट ऑफ परचेज) मशीन के लॉक खुल गए। इससे अब बाजरा व मक्का की तौल शुरू हो गई है। इसी क्रम में जिले में बाजरा की सरकारी खरीद का लक्ष्य भी बढ़ा दिया गया है। अब 1100 मीट्रिक टन से बढ़कर 1900 मीट्रिक टन बाजरा खरीदा जा सकेगा।
बाजरा, ज्वार व मक्का की सरकारी खरीद खाद्य विभाग के केंद्रों पर हो रही है। जिले में बाजरा व ज्वार के 16-16 और मक्का के 8 क्रय केंद्र खुले हैं। 31 दिसंबर तक खरीद की जानी है। इधर मक्का व बाजरा की लक्ष्य से अधिक खरीद होने पर बुधवार को लखनऊ से पॉप मशीन बंद कर दी गई थी। इससे क्रय केंद्रों पर बाजरा व मक्का लेकर पहुंचे किसान परेशान थे। सर्द रात में किसान अनाज की रखवाली करने को मजबूर थे।
झींझक मंडी परिषद में टोकन के अनुसार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बाजरा लादकर तीन दिन से पॉप मशीन का लॉक खुलने का इंतजार कर रहे थे। इधर जिला खाद्य विपणन अधिकारी की ओर से स्थिति से निदेशालय को अवगत कराया गया था। इस पर तीसरे दिन शुक्रवार को निर्णय हो सका। दोपहर करीब 12 बहे पॉप मशीन खुल गई। इस पर जिले में बाजरा व मक्का की खरीद शुरू हो गई। इस पर क्रय केंद्रों पर बाजरा व मक्का बेचने आए किसानों को राहत हुई।
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वर्जन..............
बाजरा व मक्का की सरकारी खरीद लक्ष्य से अधिक होने पर बुधवार को पॉप मशीन बंद कर दी गई थी। इसपर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया था। बाजरा की खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। शुक्रवार को पॉप मशीन खुल गई। इसपर तौल शुरू करा दी गई ह। -देवेंद्र सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
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कहां कितने किसानों से हुई मोटे अनाज की खरीद
मक्का की सरकारी खरीद के लिए 1100 मीट्रिक टन का लक्ष्य था। कुल 426 किसानों से 1516 मीट्रिक टन मक्का खरीदा जा चुका है। ज्वार की सरकारी खरीद के लिए 1100 मीट्रिक टन का लक्ष्य था। इसमें अब तक 2991 किसानों से 8077 मीट्रिक टन ज्वार की खरीद हो चुकी है। इसी प्रकार बाजरा का लक्ष्य 1100 मीट्रिक टन था। अब तक 3285 किसानों से 1243 मीट्रिक टन से अधिक खरीद की जा चुकी है।
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फोटो-25 अकबरपुर उपमंडी स्थल क्रय केंद्र पर उत्तरीपुरा बफर गोदाम भेजने के लिए ट्रक पर लादा जाता मक्का खेप। संवाद
क्रय केंद्रों पर डंप खरीदा अनाज, धान खरीद में अड़चन
कानपुर देहात। क्रय केेंद्रों पर खरीदे गए मोटे अनाज की उठान धीमी है। इसकी वजह से धान खरीदने और खरीदा अनाज रखने के लिए जगह की कमी है। जिले में पुखरायां व जैनपुर के बफर गोदाम पहले ही भर चुके हैं। कानपुर के पनकी में बफर गोदाम है लेकिन वह भी भर गया है। इसकी वजह से अब जिले में क्रय केंद्रों पर खरीदे गए बाजरा, ज्वार व मक्का की खेप को उत्तरीपुरा बिल्हौर के बफर गोदाम में भिजवाना पड़ रहा है। सरकारी अनाज के परिवहन के लिए जीपीएस लगे सीमित वाहन ही मिले हैं। यही वजह है कि खरीदा गए अनाज की उठान सुस्त गति से हो पा रही है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि बफर गोदाम की दूरी अधिक है। इसकी वजह से अधिक फेरे नहीं लग पा रहे हैं। मोटे अनाज की खरीद इस माह के अंत तक होगी। इसके बाद उठान में तेजी आएगी। करीब 10 दिन में क्रय केंद्रों के शेड व अन्य परिसर खाली होने की उम्मीद है। (संवाद)