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राजनीतिक दल भी फाइल कर सकेंगे ई-रिटर्न

Sat, 25 Apr 2015 02:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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विभिन्न श्रेणी के करदाताओं के लिए आयकर विभाग ने रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया जारी की है। इसमें पहली बार राजनीतिक दलों के अलावा ट्रस्ट को ई-(इलेक्ट्रॉनिक) रिटर्न फाइल करने की छूट दी गई है। अभी तक इनके रिटर्न मैनुअली फाइल होते थे।
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उधर, ऑडिट के दायरे में न आने वाले करदाताओं के लिए तीन प्रकार से रिटर्न  दाखिल करने की सुविधा दी गई है। आयकर विभाग इस संबंध में प्रचार-प्रसार करने की तैयारी कर रहा है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने बीती 16 अप्रैल को असेसमेंट ईयर 15-16 (वित्तीय वर्ष 14-15) के लिए विभिन्न श्रेणी के करदाताओं द्वारा भरे जाने वाले आयकर रिटर्न का प्रारूप जारी किया है। इसके पूर्व 15 अप्रैल को एक अधिसूचना जारी करके रिटर्न में दिए जाने वाले तथ्यों के संबंध में भी अवगत कराया था।
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अधिसूचना के मुताबिक कोई भी व्यक्तिगत या हिंदू अविभाजित परिवार जिनका टर्नओवर एक करोड़ से अधिक है तो वे अपना रिटर्न इलेक्ट्रॉनिक ही फाइल करेंगे। इसमें डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। इसी तरह जो करदाता ऑडिट के दायरे में नहीं आते हैं वो डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

एक अन्य विकल्प के रूप में वे रिटर्न इलेक्ट्रॉनिकली फाइल करके नई व्यवस्था के तहत जारी किए जाने वाले वेरीफिकेशन कोड को भरकर भी रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। अंतिम विकल्प के रूप में वे ई-रिटर्न फाइल करके एकनॉलेजमेंट (फॉर्म-5) को सेंट्रल प्रॉसेसिंग सेंटर बंगलूरू भेज दें।

ये तीनों विकल्प प्रोपराइटरशिप, पार्टनरशिप या लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिफ फर्मों पर भी लागू होगा। वहीं कंपनी के मामलों में कोई अन्य विकल्प नहीं दिया गया है। वे अपना रिटर्न डिजिटल सिग्नेचर के साथ ई-फाइल करेंगे।

करदाताओं को नए प्रावधान के तहत ही रिटर्न दाखिल करने होंगे। ऐसा न होने की दशा में आयकर विभाग इन्हें डिफेक्टिव रिटर्न की संज्ञा देकर अस्वीकार कर देता है। इसलिए सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है।
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सीए संजय नाग, आयकर सलाहकार
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