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चुनावी जीत के लिए दलों के साइबर योद्धाओं ने संभाला मोर्चा, विपक्ष की खामियों को कर रहे वायरल

Wed, 10 Apr 2019 02:29 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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फाइल फोटो
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अबकी बार लोगों को पांच से दस साल पहले वाले दृश्य देखने को नहीं मिल रहे। तब होर्डिंग और बैनरों से सड़क और चौराहे पटे रहते थे। दीवारें पेंटिंग से रंगी रहती थीं और कानफोड़ू लाउडस्पीकर लोगों की शांति छीने रहते थे।
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इस प्रचार का स्थान अब डिजिटल मीडिया ने ले लिया है। सोशल साइट के जरिए ही हर नेता की खूबियां और खामियां बताई जा रही हैं। इसके लिए सभी दलों ने अपने साइबर योद्धाओं को मोर्चे पर लगा दिया है।

भाजपा ने कानपुर नगर लोकसभा क्षेत्र में प्रत्येक बूथ पर पांच-पांच आईटी के कार्यकर्ताओं को तैनात किया है। यानी पूरे लोकसभा क्षेत्र में पांच से सात हजार कार्यकर्ता ऐसे हैं जो पार्टी के लिए डिजिटल प्रचार कर रहे हैं। इन्हें साइबर योद्धा नाम दिया गया है।

बीते दिनों इन साइबर योद्धाओं के सम्मेलन में चुनाव प्रचार के टिप्स दिए गए। हालांकि प्रचार के कुछ मुख्य हथियार (टिप्स) गोपनीय तौर पर बताए गए। इसी तरह से कांग्रेस, सपा और बसपा की डिजिटल टीमें चुनाव प्रचार में स्थानीय मुद्दों को भुनाने में लगी हैं।

डिजिटल मोर्चे पर कमजोर मानी जाने वाली बसपा के फेसबुक पर दर्जनों पेज चल रहे हैं। ये न सिर्फ लगातार अपडेट हो रहे हैं बल्कि अलग-अलग बिंदुओं पर बहस भी छेड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी से जुड़े एक साइबर योद्धा ने बताया कि अब जमाना होर्डिंग और बैनर का नहीं रहा। सड़क किनारे लिखा हुआ लोग कम पढ़ते हैं।

लोगों की नजरें फेसबुक, व्हॉट्स एप और ट्विटर पर ज्यादा रहती हैं। कांग्रेस का डिजिटल प्रचार देख रहे पार्टी के कार्यकर्ता का कहना है कि डिजिटल टीम का इस्तेमाल चुनाव में स्थानीय मुद्दों को भुनाने और ट्रोलिंग करने में ज्यादा होता है।
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किसी नेता का कुछ गलत बोला हुआ तत्काल वायरल किया जाता है ताकि उन्हें उनके ही शब्दों के जरिये लोगों के सामने लाया जा सके। भाजपा के कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का डिजिटल प्रचार संभाल रहे एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि साइबर योद्धा अलग-अलग मोर्चे बांटकर काम करते हैं।

कोई टीम सिर्फ विपक्षी दलों के प्रत्याशियों पर नजर रखती है तो कोई टीम अपने मुद्दों को जनता तक पहुंचाने का काम करती है। यदि विपक्षी साइबर योद्धा किसी मसले पर अटैक करते हैं तो अपने योद्धा उसका जवाब देने को तैयार रहते हैं। 
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