नाम न छापने की शर्त पर महिला और पुरुष सिपाहियों ने कहा कि वक्त के साथ पुलिस रेगुलेशन के नियमों को बदलना चाहिए। अफसरों को पब्लिक के साथ पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुननी चाहिए। अफसरों को मातहतों के प्रति व्यवहार को बदलना होगा। पुलिस विभाग में बीटेक, एमबीए की पढ़ाई तक करके सिपाही आ रहे हैं। पहले कम-पढ़े लिखे पुलिसकर्मी होते थे, जो अफसरों की किसी बात का विरोध नहीं करते हैं। अब पढ़े-लिखे पुलिसकर्मी अपने अधिकारों को जानते हैं। उधर, अफसर इस मामले में पुलिसकर्मियों पर नजर रख रहे हैं। सोशल मीडिया व व्हाट्सऐप पर कमेंट करने वालों की खुफिया निगहबानी कर रहा है।
आईजी का बयान
पुलिसकर्मियों की गोलबंदी को गंभीरता से लिया गया है। मातहतों की गतिविधियों और सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। मातहतों को सोशल मीडिया पर घटना की वास्तविकता से रूबरू कराया जा रहा है। पुलिस नियमों और कानून से बंधी अनुशासित फोर्स है। इसलिए सभी पुलिसकर्मी नियमों के दायरे में रहकर काम करेंगे।- आलोक सिंह, आईजी, रेंज
पुलिसकर्मियों की गोलबंदी रोकने के इरादे से अफसरों ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस नानगजटेड इम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री अविनाश पाठक को मिर्जापुर में गिरफ्तार कर लिया गया। अनिवाश पाठक 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर में तैनात रहा है। इस वक्त निलंबित चल रहा है।
शुक्रवार को अमर उजाला ने अविनाश के मोबाइल पर बात करके विवेक हत्याकांड में बर्खास्त सिपाहियों के बारे में उसका पक्ष जानने की कोशिश की। फोन रिसीव करने वाले ने बताया कि अविनाश को मिर्जापुर पुलिस ने पकड़ लिया है। उस पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसोसिएशन का अध्यक्ष बर्खास्त सिपाही बृजेंद्र यादव भी अंडर ग्राउंड हो गया है। बृजेंद्र ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया है। खुफिया अफसर बृजेंद्र के चकेरी स्थित घर गए। वहां बृजेंद्र नहीं मिला। एलआईयू के एक अफसर के मुताबिक बृजेंद्र का लोकेशन लखनऊ मिल रहा है।