क्या जमाना है, जिन्हें सुरक्षा करनी चाहिए वहीं फर्जी केस में फंसाने की बात कहकर भोली भाली जनता को डरा धमका रहे हैं। वो भी किसी मामूली मामले में नहीं बल्कि सीधे रेप केस में...
हमीरपुर जिले के राठ इलाके के एक युवक ने थाने में तैनात एक पुलिस कर्मी पर बलात्कार के आरोप में फंसाने की साजिश रचने के आरोप लगा तहरीर दी है। कोतवाली के एसएसआई काशीनाथ उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
अमगांव निवासी मुन्नालाल पुत्र श्यामलाल ने बताया कि कोतवाली में तैनात सिपाही सत्यवीर सिंह ने उसके गांव की एक महिला के जरिए उसे बलात्कार के आरोप में फंसाने की साजिश रची है। इसकी बात मोबाइल पर रिकार्ड की गई है। पीड़ित ने बताया कि इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर चुका है। बताया कि उसने इलाहाबाद बैंक की शाखा गोहांड से अपना व पत्नी का प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से एक-एक लाख रुपये का ऋण लिया। शाखा प्रबंधक विश्वनाथ वर्मा, खेमचंद्र गोहांड, खेमचंद्र पुत्र श्यामलिया निवासी अमगांव व शाखा प्रबंधक के ड्राइवर बबलू के माध्यम से लोन हुआ था।
बताया कि लोन होने के बाद आरोपियों ने उसके साथ धोखाधड़ी की। उसके नाम का एक लाख रुपया तो दे दिया लेकिन पत्नी के लोन के एक लाख रुपये कुछ दिन बाद देने की बात कहकर टरका दिया। जब रुपये मांगे तो आरोपियों ने उसे धमकी देते हुए भगा दिया। इस मामले की शिकायत उसने पुलिस अधीक्षक सहित उच्चाधिकारियों से की थी। एसपी ने इस मामले में सरीला सीओ को जांच सौंपी थी। बताया कि जरिया पुलिस ने जब आरोपियों पर दवाब बनाया तो उसे बलात्कार के आरोप में फंसाने की साजिश रची गई।
सोमवार को पीड़ित मुन्नालाल स्वामी ब्रह्मानंद स्वाभिमान सेवा संस्थान के अध्यक्ष हरीचरन फौजी से मिला और मदद मांगी। कोतवाली पहुंचे मुन्नालाल ने आरोप लगाते हुए बताया कि सिपाही ने गांव की एक महिला से मोबाइल पर उसे रेप जैसे मामले फंसाने की साजिश रची है। दोनों के बीच हुई बातचीत की रिकार्डिंग उसके पास है। थाने में जब एसएसआई काशीनाथ उपाध्याय ने सिपाही से बात की और रिकार्डिंग सुनवाई। इस पर सिपाही सत्यवीर ने कहा कि यह उसकी आवाज नहीं है और न ही उसने किसी से कोई बात की है।