डकैत बबुली कोल गिरोह से मुठभेड़ में पुलिस ‘बैकफुट’ पर रही और डकैत हमलावर रहे! डकैत एक बार नहीं, दो बार पुलिस से टकराए। सेमी आटोमैटिक, थ्री नाट थ्री, थर्टी कारबाइन और मैग्नम राइफलों से लैस डकैतों ने अंधाधुंध फायरिंग कर पुलिस के कदम डगमगा दिए। डकैत पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी डकैतों को हर हाल में छुड़ाना चाहते थे। यह बात पुलिस ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी स्वीकार की है।
एसपी कार्यालय से जारी प्रेस नोट में खुलासा
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गौरतलब है कि गुरुवार को तड़के मानिकपुर थाना क्षेत्र के निही गांव के औदरपुरवा जंगल में दस्यु बबुली कोल गिरोह से मुठभेड़ में दरोगा जयप्रकाश सिंह शहीद हो गए थे। डकैतों की गोली से बहिलपुरवा थानाध्यक्ष वीरेंद्र त्रिपाठी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दावा किया कि मुठभेड़ के दौरान गोली से घायल डकैत राजू कोल सहित चार डाकुओं को असलहों सहित पकड़ा गया है। कई और को गोली लगी है।
एसपी कार्यालय से जारी प्रेस नोट में खुलासा
शनिवार को एसपी कार्यालय के पीआरओ सेल से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मानिकपुर एसओ ने औदरपुरवा मजरा निही में डकैत बबुली कोल गिरोह की घेराबंदी की। एसपी को फोन पर सूचना दी।
मुठभेड़ मे बबुली कोल दो बार पुलिस से टकराया
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पुलिस की दो टीमों ने डकैतों से लोहा लिया। डकैतों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ मे डाकू राजू कोल के पैर में गोली लगी। राजू सहित चार डकैत पुलिस ने पकड़ लिए। विज्ञप्ति में बताया कि डकैतों से दोबारा टकराव हुआ तो उपनिरीक्षक जयप्रकाश सिंह डकैतों की गोली से शहीद हो गए। फायरिंग के बीच पुलिस ने उन्हें किसी तरह सुरक्षित निकाला। डकैत लगातार पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे थे।
डकैत हर हाल में गिरफ्तार और घायल अपने साथियों को छुड़ाना चाहते थे। इसी दौरान डकैतों की गोली बहिलपुरवा थानाध्यक्ष वीरेंद्र त्रिपाठी की कमर में धंस गई। उनकी एके 47 राइफल की मैगजीन और कारतूस क्षतिग्रस्त हो गए। उन्हें भी भारी फायरिंग के बीच सुरक्षित निकाला गया। इससे लगता है कि डाकू ज्यादा हमलावर रहे और पुलिस को बचाव की पोजीशन पर आना पड़ा।
दबोचे गए सभी डकैत हैं इनामी
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मानिकपुर के निही जंगल में गुरुवार को हुई मुठभेड़ के दौरान पकड़े गये चारों डकैत बबुली कोल गैंग के सक्रिय सदस्य और इनामी हैं। जेल जाने के पहले डकैत राजू ने बताया कि उसने गैंग के कुछ डाकुओं को गोली लगते देखा था, लेकिन गोली किसे लगी यह पता नहीं हैं। मुठभेड़ के दौरान भागते समय लवलेश और बबुली के चिल्लाने की आवाज सुनी थी।
राजू ने बताया कि वह पुलिस की गोली लगने से पेड़ के नीचे गिर पड़ा था। पकड़े गए डकैतों में सुग्रीव कोल पुत्र महेश कोल पर 12 हजार, श्रीपाल पुत्र रामेश्वर कोल, गुड्डा पुत्र जंगी कोल और राजू कोल पुत्र ददुवा पांच-पांच हजार के इनामी हैं। डकैतों के पास से चार असलहे व भारी मात्रा में कारतूस मिले हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के अनुसार मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की गोली थानाध्यक्ष बहिलपुरवा वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी की कमर में लगी है। उनके कमर में बंधी एके47 की मैगजीन और कारतूस क्षतिग्रस्त हो गए थे।