अंतिम सलामी देते पुलिस के जवान, सिपाही इंद्रपाल की फाइल फोटो
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मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में पुलिस टीम मंगलवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई थी। आरोपी के भाई ने कार से टीम को रौंद दिया। इसमें दो सिपाही गंभीर घायल हो गए। एक सिपाही की उपचार के दौरान मौत हो गई। बुधवार को सिपाही का शव पैतृक गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। मृतक सिपाही औरैया फफूंद का रहने वाला था।
फफूंद (औरैया) क्षेत्र के गांव पूरनपुर निवासी इंद्रपाल सिंह सेंगर मध्यप्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर जिला रायसेन के थाना भारकच्छ में तैनात थे। मंगलवार की सुबह लगभग 10 बजे जमुनिया गांव में एक मामले में पुलिस टीम के साथ आरोपी बदमाश को पकड़ने गए थे। वहां आरोपी के छोटे भाई ने सिपाहियों पर कार चढ़ा दी।
जब पार्थिव शरीर पैतृक गांव आया तो कोहराम मच गया
शहीद सिपाही इंद्रपाल सेंगर की पत्नी व बेटियां
इसमें हेड कांस्टेबल इंद्रपाल सिंह व उनका साथी कांस्टेबल उमेश शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को भोपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इंद्रपाल सिंह सेंगर की मौत हो गई, जबकि दूसरे साथी उमेश शर्मा का इलाज चल रहा है। बुधवार की सुबह जब पार्थिव शरीर पैतृक गांव पूरनपुर में आया तो कोहराम मच गया। मध्यप्रदेश पुलिस व औरैया पुलिस ने गार्ड आफ आनर देकर अंतिम सलामी दी।
31 दिसंबर 2017 में सेवानिवृत्त होने वाले थे इंद्रपाल
शहीद इंद्रपाल सेंगर की पुरानी फोटो
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इंद्रपाल सेंगर का परिवार सुल्तानपुर (मध्य प्रदेश) में किराये के मकान में रहता है। उनकी दो लड़कियां हैं। बड़ी लड़की आस्था की शादी हो गई व छोटी लड़की अंशुल है। वह 31 दिसंबर 2017 में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
मृतक की पत्नी ज्ञान श्री का रो रोकर बुरा हाल है। सब इंस्पेक्टर मोहित दुबे, वीएस पराशर, आरक्षी भूपेंद्र लोधी, आरक्षी उदय जाट, महिला आरक्षी आरती पंथी ने परिवार वालों को आर्थिक मद भी दी। बताया कि यह रुपये थाने के स्टाफ ने सहयोग कर दिया है।