उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के परेहरापुर और चौरा कबूतरा डेरा में शुक्रवार को पुलिस ने छापा मारकर 300 लीटर कच्ची शराब बरामद की। छापेमारी के दौरान कबूतरा डेरा की महिलाओं ने पुलिस कर्मियों पर हमले का प्रयास किया। पुलिस ने मौके से एक महिला व दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से एक हजार किलो लेहन नष्ट कर दिया गया। आबकारी एक्ट मिलावटी शराब के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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कोतवाल शिव कुमार सिंह राठौर ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार की भोर में दोनों डेरों में छापेमारी की गई। आबकारी निरीक्षक सतीश चंद्र पटेल की टीम को बुलाया गया। इसके बाद अमरौधा चौकी इंचार्ज सभाजीत पटेल और पुखरायां चौकी इंचार्ज आदेशकुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई। परेहरापुर कबूतरा डेरा में दबिश के दौरान खेतों में शराब के भरे पीपे गड़े हुए मिले। एक हजार लीटर लेहन नष्ट कर दिया गया। वहीं 200 लीटर कच्ची शराब पीपा और पिपियों में भरी बरामद कर ली गई।
पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए लोगों के नाम परेहरापुर कबूतरा डेरा निवासी कोमलसिंह और कलंदर बताया। इसके बाद चौरा के पास स्थित कबूतरा डेरा में छापा मारा गया। पुलिस को देखकर पुरुष भाग गए। इस बीच महिलाओं ने पुलिस टीम पर हमले का प्रयास किया। लेकिन पुलिस का दबाव देखकर बैरंग हो गई। यहां पर 100 लीटर कच्ची शराब पीपा और पिपियों में भरी हुई बरामद कर ली गई। महिला कांस्टेबिलों ने एक महिला को मौके पर पकड़ लिया। पकड़ी गई महिला ने नाम अविनाश की पत्नी आशिकी बताया है। कोतवाल ने बताया कि महिला सहित गिरफ्तार तीनाें लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट मिलावटी शराब के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस पर हमले की कोई बात नहीं है।
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कबूतरा डेरों की बढ़ती संख्या पुलिस के लिए बनती जा रही है सिरदर्द
जमीन खोदकर शराब निकालते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पुखरायां पुलिस के लिए कबूतरा डेरों की बढ़ती संख्या सिरदर्द बनती जा रही हैं। इसका खास असर युवाओं पर पड़ रहा है। अवैध बच्ची शराब के धंधे संलिप्त गिरफ्तार डेरों के लोगों का कहना है कि उनका पैतृक धंधा है।
कानपुर देहात जिले में डेढ़ वर्ष पहले इन डेरों का नामोनिशान नहीं था। डेरों के लोग झांसी क्षेत्र से आकर भोगनीपुर के चकचालपुर गांव के पास जमीन खरीद कर रहने लगे। यहां पर अवैध कच्ची शराब बनाना शुरू किया। पक्के मकान बना लिए। युवाओं की टोलियां शराब पीने के लिए पहुंचने लगी। इसके बाद कोतवाली क्षेत्र के परेहरापुर के पास जमीन खरीद कर कबूतरा डेरा बसा लिया।
झांसी से आने जाने में परेशानी हुई तो कालपी से यमुना का पुल निकल कर चौरा के आगे हाइवे किनारे जमीन खरीद कर डेरा बसा लिया। इन डेरों से शराब का बड़ा कारोबार चलता है। इनके आने के बाद क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ती गई। डेरों में पुरुषों का न मिलना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।
पकड़ी गई शराब के साथ पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
इलाके के राजेश्वर, मकरंद सिंह, विजय बिहारी, विदेह कुमार, आयुष सिंह ने बताया कि अब लोग इनके कारनामों से त्रस्त लगे हैं। बिना पुलिस फोर्स के एक दो लोग यदि डेरों में कार्रवाई करने पहुंच जाएं तो वापस होना मुश्किल है। क्षेत्र के युवाओं पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। पारिवारिक कलह की घटनाएं बढ़ रही हैं। डेरों में शाम को बाजार सा नजारा रहता है।
उन्होने बताया कि क्षेत्र में चौथा डेरा दलेलनगर के पास बनाने का प्रयास चल रहा है। जिसे प्रशासन को रोका जाना चाहिए। कोतवाल शिवकुमार सिंह राठौर ने बताया कि अवैध धंधों को संचालित करने के लिए किसी को अनुमति नहीं है। जमीन खरीद कर रहने के लिए पुलिस नहीं रोक सकती। तहसील का मामला है।