12 सदस्यीय टीम ने मुठभेड़ के दौरान एनकाउंटर कर दिया था
मददगार के माध्यम से शुक्लागंज के एक व्यापारी को चांदी के जेवर बेचने की फिराक में था। बात न बनने पर उसने रायबरेली जाने का प्लान बनाया था। मुखबिर से इसका इनपुट मिलने के बाद एसटीएफ ने अचलंगज थाना पुलिस की मदद से 22 सितंबर की रात दस बजे से ही घेराबंदी शुरू कर दी थी। इसके बाद 23 सितंबर की तड़के 3.45 बजे एसटीएफ सीओ प्रमेश कुमार शुक्ला के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने मुठभेड़ के दौरान कुल्हागाढ़ा बेथर मार्ग उसका एनकाउंटर कर दिया था।
करीब 22 लोगों के बयान लिए गए हैं
एनकाउंटर पर जब सवाल उठे, तो डीएम गौरांग राठी ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज को नामित किया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। करीब 22 लोगों के बयान लिए गए हैं। सभी ने अपने बयान में पुलिस द्वारा समर्पण करने का मौका देने के बाद भी बदमाश के फायरिंग कर देने की बात कही गई। जवाब में पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में फायरिंग करने से बदमाश को गोली लगी और अधिक खून बह जाने से उसकी मौत हो गई।