पुलिस अब सिर्फ लिखापढ़ी और अपराधियों की धर-पकड़ ही नहीं करेगी बल्कि प्राथमिक उपचार की भी ट्रेनिंग लेगी। पुलिस का पहला काम घटनास्थल पर पहुंचकर घायल को प्राथमिक उपचार देना होगा, ताकि उसकी जान का खतरा कम किया जा सके।
इस ट्रेनिंग में थानेदारों से लेकर मुंशी तक को शामिल किया जाएगा। हर थाने और वहां की जीप में फर्स्ट एड बाक्स भी रखा जाएगा।
आमतौर पर किसी एक्सीडेंट या आपराधिक वारदात में पहुंचने वाली पुलिस सबसे पहले घायल को अस्पताल भेजने का प्रयास करती है। इसमें देर होने पर पीड़ित को अपनी जान गंवानी पड़ जाती है। ऐसी ही स्थितियों से निपटने के लिए आलाधिकारियों ने थानास्तर पर पुलिस कर्मियों को फर्स्ट एड बाक्स की ट्रेनिंग देने का फैसला किया है।
यह ट्रेनिंग एसपी स्तर के अधिकारी और तीन कुशल डॉक्टर देंगे। पुलिस को बताया जाएगा कि मौके पर पहुंचते ही किस तरह के मरीज को कैसा प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। सीओ बाबूपुरवा ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग की शुरुआत जूही पुलिस से की जा रही है।
बुधवार रात एसपी पूर्वी देवरंजन और तीन डॉक्टरों की टीम पुलिस कर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधा के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी देगी।