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इस खूंखार डकैत के ताबूत में अंतिम कील नहीं ठोक पाई पुलिस

Thu, 24 Aug 2017 10:52 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो
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डकैत बबुली कोल गिरोह पर पुलिस ने अटैक तो शानदार किया, लेकिन थोड़ी सी चूक हो गई। पुलिस तीन डकैतों को असलहों के साथ पकड़ने में कामयाब रही, जबकि डाकूओं का सरदार बबुली कोल भागने में कामयाब रहा। वहीं मुठभेड़ में दरोगा जेपी सिंह शहीद हो गए।
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आखिर कहां गुम हो गए घायल डकैत हालांकि पुलिस गैंग सरगना बबुली कोल समेत कई डकैतों के घायल होने का दावा रही है, लेकिन डकैतों के ताबूत में अंतिम कील नहीं ठोंक पाई। घायल डकैत कहां गुम हो गए, यह भी पता नहीं चल पाया।

पाठा क्षेत्र में अब सिर्फ दो नामी डकैत गिरोह ही बचे हैं। इसमें बबुली कोल का मैन और फायर पावर सबसे तगड़ा है। बबुली कोल गिरोह की पुलिस ने निही चिरैया जंगल में घेराबंदी कर ली, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही डकैतों ने पलटवार कर दिया।
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अत्याधुनिक स्वचालित रायफलों से लैस डकैतों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें रैपुरा थाने के दरोगा जेपी सिंह शहीद हो गए, जबकि बहिलपुरवा एसओ वीरेंद्र्र त्रिपाठी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए।   लवलेश के मारे जाने और बबुली के घायल होने का पुलिस कर रही दावा
पुलिस बबुली कोल के दाहिने हाथ लवलेश कोल के मारे जाने और बबुली सहित कई डकैतों के घायल होने का दावा कर रही है। कई थानों की पुलिस से घिरे डकैत मुठभेड़ के बाद तितर-बितर होकर इधर-उधर भागे तो तीन डकैत असलहों सहित दबोच लिए गए। डकैत राजू कोल के पांव में पुलिस की गोली लगी है। 
  अभी तक नहीं मिली लाश, घायल डकैतों का भी अभी तक नहीं लगा सुराग  सवाल उठता है कि मुठभेड़ के बीच घायल डकैत कहां गुम हो गए। पुलिस को अब तक एक भी डकैत की लाश नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि डकैत घिर चुके हैं। सबके सब मारे जाएंगे। पुलिस का यह दावा सच हुआ तो चंबल की तरह पाठा भी डकैतों के चंगुल से आजाद हो जाएगा।
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