अंतिम संस्कार करने सिद्धनाथ घाट पहुंच गए थे परिजन
इसके बाद 10 अप्रैल की रात को वह अपने भाई के साथ ससुराल पहुंची। यहां पर देवर मोहन ने बताया कि सुबह बिस्तर से सोकर नहीं उठे, तो कमरे में जाकर देखा। यहां पर सोहन मृत पड़े हुए थे। नीलम ने बताया कि देवर शुक्रवार सुबह आनन फानन परिवार के साथ शव को अंतिम संस्कार करने सिद्धनाथ घाट पहुंच गए। नीलम के रोकने पर भी वे लोग जल्दी अंतिम संस्कार करने की बात पर अड़ रहे।
सिर और गले पर गंभीर चोट के निशान
इस पर नीलम के भाई प्रदीप ने डायल 112 मिलाकर पुलिस को सूचना दी। आनन फानन पुलिस घाट पहुंची, जहां पर शव को मुखाग्नि दी जा चुकी थी। फिर पुलिस ने समर्सिबल पंप से पानी डालकर चिता को बुझाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नीलम का आरोप है कि उनके पति की संदिग्ध परीस्थितियों में मौत हुई है। पति के सिर और गले पर गंभीर चोट के निशान हैं।