उन्नाव के सफीपुर में काली मिट्टी स्थित पुलिस ट्रेेनिंग सेंटर में एक सिपाही को जुकाम, खांसी व बुखार आने पर साथी कर्मी उसे सीएचसी सफीपुर लाए। सीएचसी प्रभारी ने सिपाही को संदिग्ध मानते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां सीएमएस ने उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया और उपचार हुआ।
जांच में सिपाही का ब्लड सैंपल निगेटिव आया। फिलहाल उसे सोमवार रात तक निगरानी में रखा गया है। काली मिट्टी स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में रविवार रात सिपाही को सर्दी, जुकाम व बुखार होने पर हालत बिगड़ गई। अचानक हालत बिगड़ने से साथी कर्मी उसे रात करीब 11 बजे सीएचसी लाए।
ड्यूटी पर तैनात डॉ. शफीक अहमद ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां सीएमएस ने उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। जिला अस्पताल के सीनियर फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने उसका उपचार शुरू किया। उन्होंने बताया कि कोरोना जैसे कोई लक्षण उसमें नहीं मिले हैं। वायरल फीवर था।
संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. आरएस मिश्रा ने बताया कि सिपाही 15 मार्च को गाजियाबाद से ट्रेनिंग कर वापस लौटा है। लेकिन उसके कोरोना वायरस जैसा कोई लक्षण नहीं है। सोमवार को पीएचसी प्रभारी डॉ. प्रेमचंद्र टीम के साथ पुलिस ट्रेेनिंग सेंटर पहुंचे और 52 सिपाहियों का चेकअप किया। सभी की हालत सामान्य मिली।