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Kanpur News: पुलिस का दावा फर्जी, परिजन बोले- चरस बिक्री के विरोध में हुई हत्या

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कानपुर। फीलखाना थाना क्षेत्र में होजरी कारोबारी विजय कुमार चौरसिया की पिस्टल से गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस के दावे पर कारोबारी के परिजन ने सवाल उठाया है। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने शनिवार को दावा करते हुए बताया था कि कारोबारी की हत्या एक लाख रुपये के ब्याज को न चुकाने की वजह से की गई है। वहीं, परिजन पुलिस के दावे का फर्जी बता रहे हैं। परिजन के अनुसार विजय की हत्या क्षेत्र में चरस बिक्री के विरोध में की गई है।
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कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने शनिवार शाम प्रेसवार्ता में हत्या की वजह रुपयों का लेनदेन को बताया था। उनका कहना था कि विजय ने करीब 6-7 माह पहले विशाल गुप्ता से एक लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। करीब तीन माह तक ब्याज देने के बाद उसने ब्याज देना बंद कर दिया। विशाल ने रकम के लिए टोका तो दोनों में विवाद हुआ था। इसी के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। वहीं, विजय के बड़े बहनोई राकेश गुप्ता ने कहा कि इंस्पेक्टर कोतवाली झूठ बोल रहे हैं। कहा विजय काफी संपन्न परिवार से आते थे। वह खुद लाखों की कीमत का फ्लैट खरीदने के लिए तलाश रहे थे। ऐसे में पुलिस द्वारा ब्याज की फर्जी कहानी गढ़ी गई।
उनका आरोप है कि रेस्टोरेंट संचालक विशाल गुप्ता बाजार में स्थित एक महिला की दुकान में चोरी छिपे चरस बिकवाता था। विजय ने कुछ महीने पहले इसका विरोध किया था। इसे लेकर विशाल का विजय से विवाद हो गया था। इसी वर्ष फरवरी के आखिरी में वर्चस्व को लेकर विशाल ने सवाई सिंह का हाता के पास खुलेआम 4-5 राउंड फायरिंग की थी। आरोप है कि विशाल काफी समय से विजय की हत्या की साजिश कर रहा था। कुछ समय बाद मनमुटाव कम होने पर वह विजय को फ्लैट दिखाने के बहाने साथ ले गया और हत्या कर फरार हो गया।
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फीलखाना थाना प्रभारी अजय मिश्रा ने बताया कि हत्यारोपी विशाल की तलाश में उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, बस्ती, गोरखपुर में दबिश दी गई है। आरोपी के कुछ रिश्तेदारों के यहां छिपे होने की सूचना पर दबिश दी गई लेकिन वह हाथ नहीं लगा। क्राइम ब्रांच समेत पांच टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक विशाल गुप्ता को पुलिस ने रविवार शाम चार बजे फूलबाग मैदान के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उससे गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रहे हैं। सोमवार को पुलिस मामले में खुलासा कर सकती है। हालांकि, पुलिस ने अभी उसकी गिरफ्तारी से इन्कार किया है।

जिन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी उनमें से एक ने कारोबारी और हत्यारोपी के बीच ब्याज की रकम को लेकर विवाद की बात बताई थी। हत्या की असली वजह विशाल की गिरफ्तारी के बाद ही साफ हो सकेगी।
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- शिवा सिंह, एडीसीपी पूर्वी
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