बकौल थाना प्रभारी शातिरों से पूछताछ के आधार पर 40 दुकान किदवई नगर निवासी सराफ लक्ष्मी नारायण को पकड़ा गया। लक्ष्मी नारायण शातिरों से चोरी के जेवरात औने-पौने दाम पर खरीद कर गला देता था। संजय सरोज और असलम की निशानदेही पर किदवई नगर और गोविंद नगर थाने की पुलिस टीम चोरी का माल बरामद करके वापस लौट रही थी। इसी दौरान दोनों ने हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दोनों को दबोच लिया था। सोमवार को सभी शातिरों को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
पूछताछ में शातिरों ने पुलिस को बताया कि गैंग में शामिल शातिर शहर में घूम-घूम कर रेकी करते थे। जिन घरों के दरवाजे पर ताला लटका मिलता था, उसको टारगेट करके नगदी व माल समेट कर फरार हो जाते थे। किसी को शक न हो, इसलिए शातिरों की एक टीम दिन और दूसरी टीम रात में रेकी करती थी।
पत्रकार समेत कई घरों में चोरी का खुलासा
थाना प्रभारी के मुुताबिक संजय सरोज और उसके साथियों ने किदवई नगर बी ब्लॉक निवासी पत्रकार अनूप बाजपेई, एच ब्लॉक किदवई नगर निवासी विमल अग्रवाल, साइट नंबर-वन किदवई नगर के कुकरेजा, गोविंद नगर के अमित गुप्ता और जूही लाल कालोनी में एक घर में चोरी के अलावा नर्वल इलाके में चोरी की एक वारदात को अंजाम देना की बात कबूला है। बकौल थाना प्रभारी दोबारा पूछताछ के लिए शातिरों कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।