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प्रदर्शनकारी छात्राओं पर लाठीचार्ज, बदसलूकी

Thu, 30 Jul 2015 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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एमएससी बॉटनी का रिजल्ट दुरुस्त कराने की मांग को लेकर बुधवार को छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे स्टूडेंटों पर पुलिस, पीएसी और होमगार्ड के जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। सबको दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, प्रदर्शन कर रही छात्राओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस वालों ने एक छात्रा को लाठी मारी और बदसलूकी भी की।
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इससे तमतमाई छात्रा ने पुलिस को डपटते हुए कहा कि घर में मां-बहन और बेटी नहीं हैं क्या? इसके बाद भी पुलिस बाज नहीं आई और महिला पुलिस कर्मियों की गैरमौजूदगी में छात्राओं से बदसलूकी जारी रही। लाठीचार्ज से छात्रा और एक छात्र अचेत होकर गिर पड़े। इन्हें एंबुलेंस से यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

वहीं लाठीचार्ज से छात्रनेता रविपाल का पैर और कल्याणपुर व्यापार मंडल (ग्रामीण) के अध्यक्ष संदीप पांडेय का हाथ टूट गया। एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री आकाश जायसवाल, शिवेंद्र समेत कई स्टूडेंटों को गंभीर चोटें आई हैं। एबीवीपी के महानगर मंत्री यशकीर्ति भदौरिया ने कहा कि लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। गुरुवार को सीओ कल्याणपुर से आरोपी पुलिस और होमगार्ड के जवानों को निलंबित करने की मांग की जाएगी।
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध डिग्री कॉलेजों के एमएससी बॉटनी फर्स्ट और सेकेंड ईयर का रिजल्ट बेहद खराब आया है। डीएवी पीजी कॉलेज में 182 स्टूडेंटों ने पेपर दिया था लेकिन पास सिर्फ 38 स्टूडेंट हुए। यही हाल अन्य कॉलेजों के स्टूडेंटों का भी रहा। इससे नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बुधवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन में तमाम फेल स्टूडेंटों ने भी हिस्सा लिया। एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री आकाश जायसवाल की अगुवाई में स्टूडेंटों ने पहले कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन का घेराव किया। सुबह साढ़े दस बजे से एकेडमिक काउंसिल भवन के बाहर धरना दिया। स्टूडेंटों ने कहा कि कॉपी जांचने में गड़बड़ी हुई है। एमएससी के कई स्टूडेंटों को शून्य मिला है जो संभव नहीं है।

आरटीआई के तहत मिली एक कॉपी में कम मार्क्स चढ़ाए जाने का खुलासा भी हुआ। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन गलती मानने को तैयार नहीं है। स्टूडेंटों की मांग थी कि कुलपति बाहर आकर ज्ञापन लें और समस्या का समाधान कराएं लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नाराज एबीवीपी के पदाधिकारी और स्टूूडेंटों ने कैंपस के मेनगेट पर ताला जड़ दिया। शाम साढ़े पांच बजे तक यह स्थिति बनी रही।

इसी बीच छुट्टी होने पर टीचर, स्टूडेंट और कर्मचारी मुख्य गेट पर पहुंचे तो वहां ताला देखकर प्रदर्शनकारी स्टूडेंटों से बहस करने लगे। तभी पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे भगदड़ मची और महिला पुलिस की गैर मौजूदगी में छात्रा प्रियंका शर्मा, मोनिका वर्मा, दीक्षा, शेफाली सहित तमाम स्टूडेंटों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। एसओ के रोकने और छात्राओं के हाथ जोड़ने पर भी लाठी चलाने वालों का दिल नहीं पसीजा। छात्राओं ने पुलिस और होमगार्ड के जवानों पर बदसलूकी, छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
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