इटावा के जसवंतनगर खेड़ा बुजुर्ग गांव में अधेड़ निरंकार दुबे हत्याकांड का खुलासा सोमवार को पुलिस ने कर दिया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों ही आरोपी निराकार के साथ रहते थे। दोनों ने बताया कि निरंकार की गलत हरकतें थी। वह अय्याश और नशे का आदी था। इसकी वजह से उसके परिवार के लोग उससे दूर हो गये थे।
गांव में उसकी किसी से नहीं बनती थी। इससे परेशान होकर दोनों ने फावड़े से हत्या कर दी और शव को घर के अंदर रजाई में बंद करके चले गए। पुलिस ने हत्या में प्रयोग करने वाला फावड़ा भी जब्त कर लिया। निरंकार दुबे (45) पर कई अपराधिक मामले थे। उसको एक हत्या के प्रयास मामले में 10 साल की सजा भी हुई थी। उसके बाद वह हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हो गया।
छत पर गया तो उसे कुछ बदबू लगी
जिसके बाद से वह ग्रामीणों पर दबाव बनाने लगा। रोज मारपीट और बवाल से परेशान होकर निरंकार की पत्नी और बच्चे आगरा चले गए। उसके बाद से निरंकार पूर्व प्रधान ठाकुर चंद के सूने घर में रहने लगा। 24 फरवरी को उसे गांव में अंतिम बार देखा गया। उसके पड़ोसी रामबाबू जाटव जब छत पर गया तो उसे कुछ बदबू लगी तो उसने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी थी।
बाद में इसकी सूचना थाना पुलिस को मिली प्रभारी थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह तालान घटनास्थल पर 27 फरवरी को दोपहर 12 बजे पहुंचे और छत के जरिये नीचे उतरकर देखा तो उन्होंने निरंकार का शव रजाई से ढका हुआ था। उसकी गर्दन कटी हुई तथा सिर पर भी चोट थी। पुलिस इस घटना की जांच कर रही थी।
तभी उन्हें सूचना मिली कि जमुनाबाग से खेड़ाबुुजुर्ग जाने वाले रास्ते पर मृतक निरंकार दुबे की हत्या के मुख्य दो अभियुक्त गांव आ रहे है। थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह तानाल, पुलिस बल के उस सड़क पर पहुंचे तो देखा कि दो व्यक्ति जा रहे है। पुलिस को देखकर उक्त अभियुक्तों ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
भूरा के साथ मिलकर फावड़े से उसकी हत्या की थी
दोनों युवकों ने अपना नाम सवीकुमार पुत्र कमलेश बाबू जाटव और दूसरे ने अपना नाम विकास उर्फ भूरा पुत्र हरिप्रकाश जाटव निवासीगण खेडाबुजुर्ग थाना जसवंतनगर बताया। पकड़े गए सवीकुमार ने बताया कि वह कई साल से निरंकार के साथ रहता था। उसके हर कृत में उसका सहयोगी था। फिर निरंकार ने उससे गांव की लड़कियां बहाने से बुलाने की बात कही।
इस काम के लिये उसने मना कर दिया। विरोध करने पर निरंकार ने उसको जान से मरने की धमकी दी। अपनी जान बचाने के लिये 25 फरवरी को उसने भूरा के साथ मिलकर फावड़े से उसकी हत्या कर दी और शव को रजाई में ढक कर चले आऐ। दो दिन बाद सड़ाध आने पर घटना का खुलासा हुआ। वह लोग पकड़े जाने के डर से बाहर जा रही थे। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सवी कुमार की निशानदेही पर हत्या के लिए प्रयुक्त किया गया फावड़ा भी बरामद कर लिया है।
अभियुक्तों ने बताया कि बदतमीज निराकार दुबे से गांव के लोग बात नहीं करते थे। वह नशे में लोगों की कनपटी में तमंचा लगा देता था और पैसा भी छीन लेता था। उसकी अधिकतर ग्रामीण से लड़ाई हो चुकी थी। वह अपने साथियों के साथ भी निराकार गाली-गलौज और मारपीट करने लगता था। इसकी वजह से धीरे-धीरे ग्रामीणों ने उसका बहिष्कार कर दिया।