कानपुर में आईजी की क्राइम ब्रांच और कोहना थाना पुलिस ने पूर्व सपा मंत्री रामस्वरूप सिंह गौर (रूरा) के पौत्र व गैंग लीडर नीरज सिंह गौर के मिलावटी व नकली शराब बनाने के कारोबार से जुड़े प्रेमी युगल समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मसवानपुर में किराये का मकान लेकर मिलावटी व नकली देसी शराब बनाने का काम कर रहे थे।
पुलिस ने 12 केनों में भरा 600 लीटर इथाइल एल्कोहल, भारी मात्रा में खाली शीशियां, रैपर, डिग्री मापने वाला यंत्र, ढक्कन, बार कोड और शराब सप्लाई में प्रयुक्त होने वाली कार, लोडर और बाइक बरामद की। मामले में फरार दो आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
एसपी पश्चिम संजीव सुमन ने प्रेम कांफ्रेंस में बताया कि शनिवार रात कर्बला चौराहा के पास आईजी की क्राइम ब्रांच प्रभारी विनोद मिश्रा और कोहना थाना प्रभारी प्रभुकांत टीम ने आई-टेन कार को शक के आधार पर रोका। कार में इथाइल अल्कोहल के जरीकेन बरामद हुए। पुलिस ने कार सवार शिवली कानपुर देहात निवासी अवनीश कुमार शर्मा और उसकी प्रेमिका बैरी की दीपिका उर्फ निटिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया।
दोनों ने बताया कि वे लोग शहर में नकली व मिलावटी देसी शराब तैयार कर रसूलाबाद व मैथा समेत कई इलाकों में सप्लाई करते थे। मसवानपुर में जल निगम इंजीनियर का मकान किराये पर ले रखा है, जहां दो महीने से नकली व मिलावटी शराब की फैक्ट्री लगा रखी है। पुलिस ने वहां छापा मारा तो दबौली वेस्ट निवासी शाजिद अली, सोनू गिरी और अर्रा का राजू ठाकुर शराब बनाते मिल गए।
यशोदा नगर निवासी रिंकू उर्फ दादा व दबौली वेस्ट का अभय गिरी और कृष्णा भागने में सफल रहे। मौके से 50-50 लीटर इथाइल अल्कोहल के 12 केन, भारी मात्रा में माधुरी ब्रांड के रैपर, आदि बरामद हुए। एक कार व 57700 रुपये भी मिले। एसपी के मुताबिक अवनीश व उसकी प्रेमिका शिवली थाने से नकली शराब के मामले में वांछित थे।
पकड़े गए सभी आरोपी पिछले साल सचेंडी थाने से नीरज सिंह गौर, जीवन के साथ सचेंडी व रूरा में पिछले साल हुई शराब से मौतों के मामले में जेल गए थे। चार महीने बाद जेल से छूटने के बाद ये लोग फिर धंधे में जुट गए थे। यह लोग नीरज गौर गैंग से जुड़े हैं। एसपी ने बताया कि बरामद 600 लीटर इथाइल अल्कोहल में 1800 लीटर शराब तैयार होती। यानी अल्कोहल में तीन गुना पानी मिलाया जाता है।
यदि तय मात्रा से 10 फीसद भी ज्यादा इथाइल अल्कोहल की मिलावट हो गई, तो यह शराब जहरीली हो जाती है। इसलिए आरोपी शराब तैयार करते वक्त अल्कोहल की मात्रा चेक करने के लिए मापक यंत्र का प्रयोग करते थे। आरोपियों ने बताया कि वे जेल से छूटने के बाद करीब सात महीने से अवैध शराब का धंधा कर रहे हैं। इस तरह तरह नकली शराब को शीशियों में पैक करते थे कि किसी को शक नहीं होता था।