पीएम स्वनिधि योजना का लाभ पाने के लिए बैंकों के डिफाल्टर और अपात्रों ने भी आवेदन कर दिए हैं। इससे बैंकों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। दरअसल कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने छोटे मोटे लोन लेकर किस्तें नहीं चुकाईं। इसके अलावा यह लाभ स्ट्रीट वेंडरों को मिलना है लेकिन इससे इतर लोगों ने भी आवेदन कर दिए हैं।
स्ट्रीट वेंडरों को स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार रुपये लोन उपलब्ध कराया जाना है। शहर में अब तक 19200 लोन स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 15600 को पैसा भी जारी हो चुका है। कुल 40 हजार लोगों को योजना का लाभ दिया जाना है। इस संबंध में जिला प्रशासन तो तेजी दिखा रहा है लेकिन बैंक के अधिकारी परेशान हैं।
आवेदनों की जांच में पता चला है कि आवेदकों ने टीवी, फ्रिज आदि लोन पर ले रखे हैं, इसकी किस्त समय पर नहीं दी। इससे उनका सिबिल भी खराब हो गया है। ऐसे आवेदकों की संख्या करीब 15 फीसदी है। लोन की सुविधा 12 महीने के लिए है। इसके लिए हर महीने 800-900 रुपये की मासिक किस्त दी जानी है।
लीड बैंक मैनेजर अजय वर्मा ने बताया कि पात्रों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। सभी बैंकों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि छह मार्च तक रिपोर्ट तैयार कर लें कि कितनों को लोन दिया है। दो शाखाओं का रोज निरीक्षण भी करने को कहा है।