उद्यमियों ने यदि उद्योग आधार मेमोरंडम (यूएएम) में अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है तो उनकी यूनिट संकट में पड़ सकती है।
केंद्र सरकार ने उद्योगों के रजिस्ट्रेशन की एंटरप्रेन्योरशिप मेमोरंडम-1 और 2 (ईएम-1 और 2) व्यवस्था खत्म कर दी है। इस व्यवस्था को खत्म किए हुए करीब तीन माह बीत चुके हैं लेकिन महानगर के उद्यमी इसके प्रति उदासीन हैं। कानपुर में करीब 8000 एमएसएमई उद्योग हैं लेकिन अभी तक सिर्फ 500 उद्यमियों ने ही यूएएम में रजिस्ट्रेशन कराया है।
यह रजिस्ट्रेशन मुफ्त है। उद्यमियों ने जल्द रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो केंद्र सरकार के अंडरटेकिंग उपक्रमों में अपने उत्पाद नहीं बेच सकेंगे।
जितने उत्पाद, उतने रजिस्ट्रेशन
यदि एक उद्यमी अपनी फैक्ट्री में एक से अधिक प्रकार की वस्तुएं बना रहा है तो उसे हर उत्पाद के लिए उद्योग आधार मेमोरंडम में अलग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पहले की तरह एक छत के नीचे होने वाले कई तरह के उत्पादन को एक यूनिट नहीं माना जाएगा।
क्या है उद्योग आधार मेमोरंडम
देश भर के एमएसएमई उद्योगों का आंकड़ा ऑनलाइन करने के मकसद से उद्योगों का रजिस्ट्रेशन भी ऑनलाइन कर दिया गया है। इस योजना के तहत एमएसएमई मंत्रालय समय-समय पर इन उद्योगों को प्रमोट करेगा।
देश और दुनिया भर में उद्योगों की ऑनलाइन जानकारी मौजूदगी रहेगी। पहले चरण में सभी नए और पुराने उद्योगों का यूएएम में रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है।
पहले ये होता था
ईएम-1 के तहत जिला उद्योग केंद्र जाकर फार्म भरना, उद्योग से संबंधित सूचना, प्रोजेक्ट, रिपोर्ट और बैंक से लोन की जानकारी, मशीन खरीद और भूखंड आदि का विवरण देना होता था। यह प्रक्रिया उद्योग लगाने से पहले होती थी।
100 रुपये फीस लगती थी। ईएम-2 उद्योग स्थापित होने के बाद जब प्रोडक्शन शुरू हो जाता है तब उत्पाद की जानकारी, प्रकार, ईएसआई आदि दिखाकर दोबारा रजिस्ट्रेशन होता था। ये दोनों प्रक्रियाएं अब बंद हो गई हैं।
ये है नई व्यवस्था
कोई भी नया उद्यमी www. udyogaadhar. gov.in वेबसाइट पर जाकर एक पेज का ऑनलाइन फार्म स्वत: भर सकता है। इसके लिए कोई फीस नहीं और न डॉक्यूमेंट की जरूरत। एक ही आधार नंबर पर एक से अधिक उद्योगों का रजिस्ट्रेशन हो सकता है। गूगल में udyogaadhar टाइप करने पर वेबसाइट का लिंक आ जाएगा।