कानपुर में जो कोरोना से जंग जीत चुके हैं, वे दूसरों की जान बचाने की मुहिम में आगे आएं, प्लाज्मा दान करके वे अपनी महती भूमिका अदा कर सकते हैं। अभी भी 80 फीसदी कोरोना संक्रमित ऐसे हैं जिन्हें इलाज के साथ प्लाज्मा थेरेपी दी जाए तो उन्हें फायदा मिल सकता है।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के ब्लड ट्रांसफ्युजन विभाग की नोडल अधिकारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि जिन्हें कोरोना संक्रमण से निगेटिव हुए 14 दिन हो गए हैं, वे प्लाज्मा दान कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी जो संक्रमित मिल रहे हैं, उनमें ज्यादातर सेकेंड लेवल के कोरोना रोगी हैं।
इनकी संख्या लगभग 80 फीसदी है। यही वो वक्त होता है जब संक्रमित के फेफड़ों में निमोनिया की शुरुआत होने लगती है। हल्के धब्बे एक्सरे रिपोर्ट में आने लगते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की शोध रिपोर्ट है कि अगर इस वक्त दवाओं के साथ रोगी को प्लाज्मा थेरेपी दी जाए तो उसकी रिकवरी जल्दी हो जाती है।