यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक से पौधों में पोषक तत्वों की पूर्ति करता है। छात्र ने बताया कि जो यंत्र बनाया है, वह पौधे को उसकी मांग के अनुसार कृत्रिम धूप, पानी और तापमान समेत कई पोषक तत्व देता है।
आप अपने किचन गार्डेन में सब्जियां उगाने चाहते हैं, लेकिन हवा, पानी और धूप समेत कई पोषक तत्वों की पूर्ति में कमी की वजह से पौधा विकसित नहीं हो पा रहा है तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल के 11वीं के छात्र प्रांजल सिंह ने कृत्रिम पारिस्थितिकी यंत्र को तैयार किया है।
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यह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक से पौधों में पोषक तत्वों की पूर्ति करता है। छात्र ने बताया कि जो यंत्र बनाया है, वह पौधे को उसकी मांग के अनुसार कृत्रिम धूप, पानी और तापमान समेत कई पोषक तत्व देता है। बताया कि यंत्र में कई तरह के सेंसर लगे हैं। इसमें हीट सिंक और एलईडी लाइट लगी है।
जो सेंसर के अनुसार पौधे को कृत्रिम धूप और तापमान को व्यवस्थित करता है। मिट्टी में पानी की कमी के लिए स्वाइल मॉइश्चर सेंसर लगा है, पानी की कमी होेने पर डिवाइस में लगा पंप रिले वॉटर टैंक से आवश्यकता के अनुसार पौधे को पानी देता है। डिवाइस में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सेंसर और डिस्प्ले लगा है, जो हवा की गुणवत्ता को बताता है।
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हवा के प्रदूषित होने पर यंत्र में लगा बाइक एयर फिल्टर हवा को साफ करता है। बताया कि यंत्र में मिट्टी की गुणवत्ता जानने के लिए स्वाइल न्यूट्रीशन सेंसर लगा है। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होने पर डिस्प्ले पर दर्शाना लगता है। इससे देखकर आप उस तत्व को मिट्टी में मिला सकते हैं।
छात्र ने बताया कि इस मॉडल का प्रयोग किसान खेतों में भी कर सकते हैं। इस मॉडल के प्रोटोटाइप को एग्री इंडिया हैकथॉन में प्रदर्शित किया जा चुका है, जिसमें आईओटी एंड सेंसर फॉर एग्रीकल्चर श्रेणी में 18वीं रैंक आई है। इसका संचालन करने के लिए 32 भाषाओं में एक एप भी बनाया है। जल्द ही इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया जाएगा। प्रांजल के पिता प्रदीप सिंह सब इंस्पेक्टर और मां शीला सिंह गृहिणी हैं।