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UP: देहरादून में घूमने के दौरान बनाया था भांजे के अपहरण का प्लान, जुआ और मौज-मस्ती की लत ने पहुंचाया हवालात

Sun, 10 May 2026 11:50 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, बांदा

सार

यूपी के बांदा जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने भांजे का अपहरण कर लिया। इसके बाद आरोपी ने 10 लाख रुपये की मांग की। हालांकि पुलिस ने बच्चे को आरोपियों के पास से छुड़ा लिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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महोबा जनपद के चरखारी थाना क्षेत्र के सूपा गांव निवासी रामजी की उम्र महज 22 साल है। वह एक साल पहले पुणे में रहकर काम करता था। उसके बाद वहां से अपनी मौसी के गांव बांदा के फतेहगंज थाना क्षेत्र के रक्सा गांव में आ गया था। 
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वहां तीन माह तक रहा था। इस बीच रक्सा गांव निवासी सोहित श्रीवास मानेसर में रहकर लाइफ लॉन्ग इंजेक्शन कंपनी में काम कर रहा था, रामजी का संपर्क सोहित से हुआ तो 17 दिन पहले ही रामजी मानेसर गया था, वहां सुपरवाइजर की नौकरी करने लगा था।

मानेसर में ही उसका संपर्क अपहरण के आरोपी रोहतक जिले के अर्बन स्टेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला सेक्टर चार निवासी सुमित (21) और अनीस (19) से हो गया। तीनों देहरादून ऋषिकेश घूमने गए थे। 
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वहीं रुपयों के लालच में आकर रामजी व उपरोक्त ने अपने ही सगे भांजे के अपहरण की साजिश रचने का प्लान बनाया था। पुलिस ने बताया कि तीनों जुआ और गलत संगत में पड़कर कम समय में अधिक पैसा कमाना चाह रहे थे।

 

रामजी से बंद थी बोलचाल, उधारी के दो लाख रुपये थे बाकी
बांदा के बबेरू कोतवाली क्षेत्र के कृष्णा नगर निवासी अनिल कुमार दरवाजा बनाने के व्यवसायी हैं। उनका इकलौता पुत्र हर्षित है। अनिल की शादी महोबा के सूपा गांव निवासी रश्मि के साथ हुई थी। रश्मि के भाई रामजी ने तीन साल पहले उनसे साढ़े तीन लाख रुपये व्यापार करने के लिए उधार लिए थे। 

डेढ़ लाख रुपये उसने लौटा दिए थे। दो लाख बाकी थे। अनिल के मुताबिक, दो लाख रुपये रामजी नहीं दे रहा था। इसलिए उन्होंने उससे बोलचाल बंद कर दी थी। उसका घर आना जाना भी बंद था। 

 

कई महीनों बाद उसने सात मई बृहस्पतिवार को अपनी बहन रश्मि को फोन किया था। उधर, अनिल ने बताया कि उसके पिता यानी हर्षित के बाबा का रिटायरमेंट होने पर 40 लाख रुपये मिले थे। इसकी जानकारी रामजी को हो गई थी।
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बांदा पुलिस टीम ने दोपहर बाद तीनों आरोपियों को अपनी कस्टडी में लिया है। देर रात तक बांदा पहुंचने की संभावना है। तीनों ने गलत संगत में पड़कर अपहरण की वारदात की है। आरोपियों का मुख्य उद्देश्य पैसा था। तीनों को बांदा पुलिस टीम बांदा लेकर आ रही है।-पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक, बांदा
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