डीजल इंजनों में ईंधन की आपूर्ति के लिए सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर नौ से गुजरी डीजल पाइप लाइन में लीकेज के चलते पिछले एक महीने से हजारों लीटर डीजल न सिर्फ बरबाद हो रहा है, बल्कि बड़े हादसे को भी दावत दे रहा है।
पाइप लाइन पुरानी होने के चलते लीकेज है या फिर डीजल चोरी के उद्देश्य से इसमें जानबूझकर छेद किया गया है, यह जांच का विषय है। फिलहाल लीकेज से प्रतिदिन सैकड़ों लीटर डीजल चोरी हो रहा है। यह पाइप लाइन सिटी साइड से सटी है। यहां रोज हजारों यात्रियों के साथ-साथ शहर के लोगों का भी आना जाना बना रहता है।
ऐसे में एक चिंगारी भी भयानक हादसे को जन्म दे सकती है। फिलहाल डीजल इंजनों में फ्यूलिंग बंद कर दी गई है। अब डीजल इंजनों में फ्यूलिंग लोको से होगी। ‘अमर उजाला’ के एक जागरूक पाठक विशाल शुक्ला ने सेंट्रल स्टेशन की डीजल पाइप लाइन में लीकेज की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद की हैं और इसकी वीडियो क्लिप ‘अमर उजाला’ को भी भेजी है।
इस वीडियो में जर्जर पाइप लाइन से डीजल लीक होते साफ देखा जा सकता है। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर प्रतिदिन 340 यात्री ट्रेनों की आवाजाही रहती है। करीब 48 ट्रेनें ऐसी हैं जो डीजल इंजन से चलती हैं। एक डीजल इंजन में 4400 से 6000 लीटर डीजल आता है।
इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया लेकिन लीकेज का वीडियो देखने के बाद बाद देर रात स्टेशन पर पाइप बदलने शुरु कर दिए गए। इस बारे में उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ विजय कुमार का कहना है कि पाइप लाइन में लीकेज गंभीर मामला है। तुरंत लाइन बदलने का काम शुरू कर दिया गया है।