विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट डॉ. कपिला राघव ने वीरेंद्र की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है। वहीं मुख्य आरोपी मो. आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट के भाई मो. आमिर उर्फ बिच्छू की जमानत अर्जी भी खारिज हो गई है। अभियोजन ने तर्क रखा कि वीरेंद्र ने साथियों संग मिलकर पिंटू व उसके भाई की हत्या का षड्यंत्र रचा।
पिंटू की हत्या की सुपारी दी। जिस पर सह अभियुक्तों ने पिंटू की हत्या कर दी। घटना के चश्मदीद पिंटू के भाई व रूपेश प्रजापति ने भी बयानों में वीरेंद्र के अपराध में शामिल होने की बात कही। वीरेंद्र ने जमीन खरीद-फरोख्त, रुपये के लेनेदेन व मुकदमे की रंजिश में पिंटू की हत्या करवाई है।