भविष्य निधि सदस्य (कर्मचारी) अब अपना यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) खुद ले सकते हैं। भविष्य निधि संगठन ने 22 जुलाई से यह नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस व्यवस्था से शहर के चार लाख से अधिक भविष्य निधि सदस्यों को फायदा होगा।
अभी तक कर्मचारी का यूएएन उसके नियोक्ता (कंपनी मालिक) को जारी किया जाता था। इसके बाद मालिक यह नंबर कर्मचारियों को देता था। तमाम मामलों में देखा गया कि मालिक यह नंबर कर्मचारियों से छिपा लेता था ताकि उसे उसके अधिकार न दिए जा सकें। इसको देखते हुए नई व्यवस्था शुरू की गई है।
बता दें कि ऐसे कारखाने, फैक्ट्री, कंपनी या संस्थाएं जहां 20 या 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं, वे भविष्य निधि संगठन के दायरे में आते हैं। यहां काम करने वालों को प्राविडेंट फंड कटना चाहिए और भविष्य निधि संगठन आफिस में जमा होना चाहिए।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि यूएएन नंबर जारी करने के बाद यह देखने में आया है कि तमाम कंपनी मालिक अपने कर्मचारियों की सही संख्या विभाग में नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी का यूएएन नंबर मिलने के बाद भी मालिक की ओर से भेजे जाने वाले रिटर्न आदि में इसका जिक्र नहीं होता था।
रिटर्न में कर्मचारियों की संख्या में भी अंतर देखने को मिला है। इन खामियों को दूर करने के मकसद से नई व्यवस्था शुरू की गई है। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (अनुपालन) मोहित शेखर ने बताया कि भविष्य निधि संगठन की मंशा है कि हर कर्मचारी को उसका हक मिले। इसलिए ही अब यूएएन सीधे कर्मचारी को दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि संगठन के सभी दावे ऑनलाइन होने जा रहे हैं। कर्मचारी की अधिक से अधिक जानकारी होने पर दावे जल्द निपटेंगे।
भविष्य निधि सदस्य जिनके पास भविष्य निधि (पीएफ) नंबर है, वे विभाग की वेबसाइट (epfo.org.in) पर जाकर यूएएन के लिए आवेदन करेंगे। इसमें सदस्य को नाम, पीएफ नंबर और जन्मतिथि का ब्यौरा भरना होगा। यदि उसका यूएएन जारी हुआ होगा तो स्क्र ीन पर मैच्ड लिखकर आ जाएगा।
यदि यूएएन नहीं जारी हुआ होगा तो सदस्य को अपना नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर भरना होगा। इसके बाद आटोजनरेटेड नंबर सदस्य के मोबाइल फोन पर आ जाएगा। नंबर आने के साथ ही उसका यूएएन नंबर भी जारी हो जाएगा।