फोटो 14::: शहर के बस स्टैंड तिराहा से बकेवर के लिए जाता क्षमता से अधिक सवारियों से भरा हुआ ऑटो। संवाद
फोटो 15:::चकरनगर से बकेवर जाता ओवरलोड ऑटो। संवाद
फोटो 16:::हनुमंतपुरा से बिठौली जाता ओवरलोड ऑटो। संवाद
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- एआरटीओ विभाग में लगभग 1300 ऑटो पंजीकृत, सड़कों पर 2000 से ज्यादा दौड़ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें हों या यातायात माह, सभी में यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक किया जाता है, साथ ही प्रशासनिक स्तर पर वाहन चालकों को जरूरी निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद भी धरातल पर नियम तार-तार होते हैं। सड़कों पर परमिट से अधिक सवारियां लेकर दौड़ रहे ऑटो-टेंपो इन सभी दावों को खोखला साबित कर देते हैं।
हाल यह है कि दिनभर 16 किलोमीटर के परमिट पर 60 किलोमीटर दूर शिकोहाबाद, मैनपुरी तक ऑटो चालक खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उपसंभागीय परिवहन विभाग में लगभग1300 ऑटो पंजीकृत हैं। जिसके उलट मौजूदा समय सड़कों पर लगभग 2000 ऑटो फर्राटा भर रहे हैं।
इन ऑटो को सिर्फ 16 किलोमीटर की परिधि में चलने का परमिट होता है, लेकिन यह खुलेआम शास्त्री चौराहा, एसएसपी चौराहा से जसवंतनगर, सिरसागंज से लेकर शिकोहाबाद तक की सवारियां भरते हैं। वहीं करहल और मैनपुरी व बकेवर, अजीतमल तक क्षमता से अधिक सवारियां भर ऑटो दौड़ रहे हैं।
यातायात माह के चलते विभाग की ओर से कार्रवाइयां करने और जागरूकता का अभियान तो चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद तेज रफ्तार ऑटो संचालक लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उधर, चकरनगर बीहड़ी इलाके में क्षमता से अधिक सवारियां लेकर चल रहे ऑटो मनमाना किराया भी वसूल रहे हैं। इससे बीहड़ी क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
केस 1
अनियंत्रित ऑटो पलटने से चालक व तीन सवारी हुए थे घायल
इकदिल। 27 अक्तूबर को आगरा कानपुर नेशनल हाईवे बिरारी पेट्रोल पंप के पास डिवाइडर पर चढ़कर अनियंत्रित ऑटो पटल गया था। हादसे में ऑटो चालक समेत तीन लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
केस 2
एक अक्तूबर को पटला था ऑटो, बच्ची की हुई थी मौत
1 अक्तूबर को इकदिल के ग्राम ककरैया की लाली देवी अपनी तीन वर्षीय की पुत्री सौम्या के साथ औरैया जनपद के कस्बा बाबरपुर से ऑटो में बैठकर घर आ रही थीं। रास्ते में बकेवर क्षेत्र में भरथना ओवरब्रिज के तेज रफ्तार ऑटो अचानक मोड़ने से ऑटो पलट गया था। तीन साल की मासूम मां की गोद से छिटककर गिर गई थी। हादसे में उसकी जान चली गई थी।
यात्रियों ने बताई दुश्वारियां
1- तेजपुरा निवासी छोटी बिट्टी ने बताया कानपुर भाई को दौज खिलाने गई थीं। कानपुर से तो बस में बैठ कर बकेवर आ गईं, लेकिन बकेवर से गांव के लिए टेंपो के अलावा कोई साधन नहीं था। पहले हाईवे से बकेवर पांच रुपये देकर पहुंचीं। बकेवर से चकरनगर 13 किलोमीटर का 30 रुपये किराया लिया। इतना अधिक किराया लगने के बाद भी लटक कर आना पड़ा था।
2- खिरीटी निवासी अमित तिवारी ने बताया इटावा से दो लोगों के 120 रुपये टेंपो का किराया लगा। मम्मी को बैठने के लिए तो सीट मिल गई थी, पर मुझे लटक कर आना पड़ा। अब गांव तक पहुंचने में 40 रुपये और लगेंगे। इतना किराया देने के बाद भी मजबूरी में जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।
वर्जन
बिना परमिट के ऑटो के खिलाफ अभियान चलता रहा है। यातायात माह के तहत भी अभियान चल रहा है। पुलिस भी अभियान चला रही है। अब और सख्ती बरती जाएगी। लोगों से अपील है कि अधिक सवारियां होने पर वह स्वयं भी ऑटो में सवार न हों। जीवन अमूल्य है। - प्रदीप कुमार, एआरटीओ