फर्जी कागजात लगाकर जमानत लेने वाला गिरोह शहर में सक्रिय है। 80 करोड़ के पुराने नोट बदलने का ठेके लेने वाले भी ज्यादातर आरोपी फर्जी जमानतों पर जेल से बाहर आ चुके हैं। जमानत लेने वालों ने फर्जी कागजात लगाए हैं।
एक आरोपी अनिल यादव का नाम सामने आ चुका है। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने कोर्ट को पत्र लिखकर इस संबंध में दस्तावेज मांगे हैं। इसके बाद ही बाकी आरोपियों के नाम सामने आ सकेंगे।
एनआईए, पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने 17 जनवरी 2018 को 80 फीट रोड स्थित गगन होटल, नजीराबाद के नमस्कार होटल और स्वरूपनगर में एक बिल्डर के घर दबिश दी थी। तीनों जगहों से 80 करोड़ के 500 और 1000 के पुराने नोट बरामद हुए थे।
यह कार्रवाई तत्कालीन आईजी आलोक सिंह और तत्कालीन एसएसपी अखिलेश मीणा के नेतृत्व में हुई थी। दबिश में 16 मनीचेंजर (नोट बदलवाने वाले) भी पकड़े गए थे। लखनऊ हसनगंज निवासी अनिल यादव समेत कई आरोपी फर्जी जमानतों पर रिहा हो चुके हैं।
जमानत लेने वालों ने पहचान पत्र या आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा किया है। जमानदारों ने नाम किसी का और फोटो किसी की लगाई। जिन वाहनों के दस्तावेज लगाए, पता चला कि ये वाहन इनके नाम हैं ही नहीं। एक-एक जमानतदार 10-15 आरोपियों की जमानत ले चुका है।
ये हुए थे गिरफ्तार
पुलिस ने स्वरूपनगर के आनंद खत्री, नजीराबाद के मोहित ढींगरा, कल्याणपुर के संतोष यादव, आंध्रप्रदेश के राजेश्वर व अली हुसैन, तेलांगना के कुटेश्वर राव, पश्चिम बंगाल के मनीष अग्रवाल व संजीव अग्रवाल, वाराणसी के संतोष पाठक व संजय कुमार सिंह, मिर्जापुर के संजय कुमार, रामाश्रय, धीरेंद्र गुप्ता, लखनऊ हसनगंज के अनिल यादव, चिनहट के ओंकार और बागपत के संतकुमार को गिरफ्तार किया था।
फर्जी जमानत लेने वाले शहर के ही, दर्ज होगी रिपोर्ट
जमानत लेने वालों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। एसपी पश्चिम का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। ये जमानतदार शहर के ही हैं। फर्जी जमानत के मामले में शहर के एक-दो बड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। जिन्होंने पूरा फर्जीवाड़ा कराया है।
नोट बदलने के मामले में फर्जी जमानतदार लगाकर जमानत दिलाई गई है। विस्तृत जांच की जा रही है। जमानत लेने वाले और जमानत दिलाने वालों पर केस दर्ज किया जाएगा। केस के आरोपी भी जेल भेजे जाएंगे। कोर्ट से इस संबंध में पत्र लिखकर पूरा विवरण मांगा गया है। दस्तावेज मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- डॉ. अनिल कुमार, एसपी पश्चिम