पुलिस गिरफ्त में अरुण कुमार मिश्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के प्रधान महाप्रबंधक अरुण कुमार मिश्रा पर चलने वाला सबसे बड़ा मामला आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार का है। आरोप है कि भ्रष्टाचार कर उसने अकूत कालाधन जमा किया है।
इस कालेधन को छिपाने के लिए अरुण ने 2005 से 2006 के बीच 50 से अधिक फर्जी खाते खुलवाए थे। सीबीआई की देहरादून शाखा को इसकी सूचना मिली थी। इसके बाद 2011 में ईडी ने भी जांच की थी।
इसमेेें खुलासा हुआ था कि इन खातों से आठ करोड़ बीस लाख का लेनदेन हुआ है। अरुण ने ये फर्जी खाते देहरादून, हरिद्वार के अलावा कानपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, पंजाब नेशनल बैंक और सिंडीकेट बैंक में खुलवाए थे।
खातों को खोलने में जाली ड्राइविंग लाइसेंस और नकली पैन कार्ड लगाया गया था। ईडी की जांच के बाद 2011 में ही एसआईटी ने एक मामला दर्ज किया था। यह मामला अभी तक अरुण के लिए सुरक्षा कवच बना हुआ है।