औरैया जिले में सौ शैय्या जिला अस्पताल में बुधवार को कोरोना जांच के लिए सैंपल देने आए रुहाई मोहाल के 36 लोगों को बदइंतजामी का सामना करना पड़ा। दोपहर को लाए गए लोगों को रात भर अस्पताल के वार्ड में बंद कर दिया गया। गर्मी में पानी के लिए तरस उठे।
सुबह उन्हें ईशा वाटिका में संचालित क्वारंटीन सेंटर पहुंचाया गया, तब कुछ राहत मिली। दरअसल, रुहाई मोहाल निवासी एक युवक की पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही जिला प्रशासन ने उसके परिवार व संपर्क में रहने वाले 36 लोगों को सैंपल लेने के लिए बुधवार दोपहर शौ शैय्या जिला अस्पताल पहुंचा दिया था।
सैंपल लेते-लेते रात हो गई। आरोप है कि अस्पताल में न लोगों को चाय मिली न ही पानी। इन लोगों में आठ से 10 लोग उम्र दराज थे। जो गर्मी में परेशान हो उठे। अस्पताल प्रशासन की ओर से रात में जो खाना दिया गया वह गुणवत्ता विहीन था। लोगों ने खाना खाने से इनकार कर दिया।
बदइंतजामी से परेशान लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों से होम क्वारंटीन किए जाने की बात कही तो वह भड़क गए और वार्ड पर बाहर से ताला बंद कर चले गए। रात भर वह प्यासे रहे। सुबह आठ बजे सभी को एंबुलेंस से ईशा वाटिका में संचालित क्वारंटीन सेंटर पहुंचाया गया। यहां आकर सभी ने राहत की सांस ली।
अस्पताल में हर जगह पानी के लिए वॉटर कूलर के अलावा वॉटर फिल्टर मशीनें भी लगी हुई हैं। ऐसे में पानी की उपलब्धता न कराया जाने की बात झूठ है। वार्ड में ताला लगाए जाने की बात भी बिल्कुल गलत है। 100 शैय्या युक्त जिला अस्पताल में आने वाले लोगों का सैंपल लिया जाता है। न कि उनको वहां क्वारंटीन किया जाता है। सैंपल लेने के बाद सीएमओ के आदेश के अनुसार आने वाले लोगों को क्वॉरंटीन सेंटर भिजवा दिया जाता है। - डॉ.राजीव रस्तोगी सीएमएस, 100 शय्या युक्त जिला अस्पताल, चिचौली