नानकारी से आईआईटी का रास्ता बंद करने पर हंगामा
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नानकारी के चंदेल गेट के सामने से आईआईटी कानपुर परिसर होते हुए जीटी रोड जाने वाले रास्ते को शुक्रवार को आईआईटी प्रशासन ने दीवार उठवाकर बंद करा दिया। इसे लेकर दोपहर से देरशाम तक हंगामा चला। शाम को पार्षद स्थानीय लोगों के साथ धरने पर बैठ गईं।
इसके बाद पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने मध्यस्थता कर लोगों के आनेजाने के लिए चार फीट का रास्ता खुलवा दिया। एसीएम-6 ने कहा कि ग्रामीणों ने रास्ते को चकरोड बताया है। इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शनिवार भोर लोग आईआईटी की दीवार गिराने पहुंचे पुलिस ने उन्हें खदेड़कर भगा दिया।
धरने के दौरान नानकारी के लोगों ने कहा कि वे 50 सालों से इस रास्ते से गुजरते हैं। आईआईटी प्रशासन कई बार इसे बंद करने की कोशिश कर चुका है। इसके बंद होने से जीटी रोड पर आने के लिए दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा।
यह भी कहा कि जिस रास्ते से उनको निकलने के लिए कहा जाता रहा है, वह सुरक्षित नहीं है। रात में उस रास्ते पर अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। नानकारी के लोगों के समर्थन में पहुंचे पूर्व विधायक सतीश निगम ने कहा कि आईआईटी प्रशासन का यह तरीका ठीक नहीं है। संस्थान नानकारी की जमीन पर ही बसा है। जरूरत पड़ी तो कोर्ट की शरण ली जाएगी।
वादाखिलाफी का आरोप
पार्षद निर्मल मिश्रा ने कहा कि उनकी आईआईटी निदेशक से बात हुई थी। उन्होंने 26 नवंबर को इस मसले पर बैठक करने को कहा था। उन्होंने वादाखिलाफी की है। धरने की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसीएम-6 अशोक कुमार ने समस्या के समाधान का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
- संस्थान का विस्तार हो रहा है। जहां पर दीवार बनाई जा रही है, उसके आसपास अर्थ साइंस एवं साइबर सुरक्षा विभागों के भवनों का निर्माण होना है। सुरक्षा की दृष्टि से दीवार जरूरी है। नानकारी के निवासियों को बगल से रास्ता दे दिया गया है, जिससे वे लोग आनाजाना कर सकते हैं। - ओंकार दीक्षित, डीन एकेडमिक आईआईटी कानपुर
- नानकारी के लोगों का कहना है कि आईआईटी से सीधे जीटी रोड को जोड़ने वाला रास्ता चकरोड में दर्ज है। इसकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक के लिए आईआईटी द्वारा बनाई गई दीवार का चार फीट का हिस्सा तुड़वाकर नानकारी के लोगों को रास्ता दे दिया गया है। - अशोक कुमार, एसीएम-6