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अलग-अलग पार्टियों में रहकर भी दोनों में एक बात Similar थी, मौत की खबर सुन नंगे पैर भागे लोग

Thu, 12 Apr 2018 08:54 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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मृतक लक्ष्मीपति वर्मा और धर्मराज वर्मा की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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इटावाः जानकार बतातें है कि लक्ष्मीपति और धर्मराज अलग-अलग पार्टियों को पसंद करते थे। दोनों के बीच चीज कॉमन थी, जनता की समाजसेवा। इसकी वजह से दोनों ही अलग-अलग समय में पालिका का चुनाव लड़े। जीतने के बाद जनता की सेवा भी की।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कन्नौज तिर्वा के फगुहा भट्ठा के पास सड़क दुर्घटना में इटावा के पुंरविया टोला निवासी योग गुरु लक्ष्मी पति वर्मा व कांग्रेसी नेता धर्मराज वर्मा की मौत हो गई। जोकि गर्दन व कंधे की हड्डी में दर्द का इलाज कराने लखनऊ जा रहे थे। उनकी मौत की खबर सुनकर परिवार के साथ शहर के लोगों को सदमा लगा। जिसने सुना वह घटना स्थल तक पहुंच गया। वहीं, घटना की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। 

 


इटावा का सबसे पुराना व बड़ा केके डिग्री कॉलेज के प्रबंध समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीपति वर्मा(61) कोआपरेटिव बैँक में सहायक प्रबंधक से रिटायर हुए थे। उनकी मोहल्ले में रहने वाले कांग्रेसी नेता धर्मराज वर्मा (65)से बचपन की दोस्ती थी। धर्मराज केके डिग्री कॉलेज पुस्तकाल अध्यक्ष रह थे।

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धर्मराज के बहनोई राजकुमार वर्मा ने बताया कि कई दिनों से धर्मराज को गर्दन में दिक्कत थी, जिसका जिक्र अपने दोस्त लक्ष्मीपति से किया था। उनको भी कंधे की हड्डी में परेशानी थी। इसकी वजह से दोनों लक्ष्मीपति की टाटा सफारी गाड़ी के ड्राइवर सुनील के साथ लखनऊ दिखाने गए। रास्ते में हादसा होने से दोनों की मौत हो गई। लक्ष्मीपति के घर में दो बेटिया है, बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। एक बेटी लवी और पत्नी मीनावर्मा घर पर थी। हादसे की खबर मिलते ही दोनों ही घटना स्थल पर चली गई। घर में ताला लगा है। जबकि धर्मराज के तीन बच्चे है, इनमें से बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। बेटा गौरव व चुनमुन घर में थी। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हजारों की संख्या में भीड़ घर पहुंची, जहां पर परिवारीजनों को ढांढस बंधवाया।  
 


बेटी की शादी की चिंता सता रही थी 
घरवालों ने बताया कि बेटी की शादी की चिंता धर्मराज को सता रही थी। इसको लेकर उन्होंने अपने दोस्तों से जिक्र किया था। साथ ही शादी के लिए कई जगहों पर रिश्ते भी देखे थे।  

 लक्ष्मीपति वर्मा 
-केके डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष
-नायक चंद्र ट्रास्ट माध्यमिक विद्यालय के अध्यक्ष
-कोआपरेटिव बैँक में सहायत प्रबंधक 
-1989 में पालिका के सभासद रहे 
-योगाचार्य के नाम से जाने जाते रहे  



धर्मराज वर्मा (कांग्रेसी नेता )
-केके डिग्री कॉलेज में पुस्तकालय प्रभारी 
-जिला कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष 
-शहर कांगेस में महामंत्री
-युवा कांग्रेस के अध्यक्ष 
-1994नगर पालिका के सभासद 
-1995नगर पालिका के वाइस चेयरमैन
-फ्रेंडस कोपरेटिव सोसाइयटी के डारेक्टर
-कृष्णा लाल जैन और कैबिनेट मंत्री सुखदा मिश्रा के पीए 


पहले भी तीन बार हो चुकी थी मौत से मुलाकात 
केके डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष लक्ष्मीपति के चार एक्सीडेंट हुए। इससे पहले भी दो बार हादसें में गंभीर चोटें आईं थी। उनको क्या मालूम की यह उनका आखिरी सफर होगा। 

मुलायम सिंह करीबी थे लक्ष्मीपति वर्मा
केके डिग्री कॉलेज के संस्थापक लाला हजारी वर्मा के पौत्र लक्ष्मपति वर्मा के पुश्तैनी घर में मुलायम सिंह यादव ने रूककर पढ़ाई की है। इसकी वजह से उसके परिवार से अच्छे संबध थे। हर कार्यक्रम में लक्ष्मीपति वर्मा को सैफई परिवार में आते-जाते देखा गया है। शिवपाल सिंह से उनकी बहुत गहरी दोस्ती थी।  

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