शिकायतों के बाद भी मुंशीपुरवा में नाला साफ न होने से परेशान इलाकाई लोगों ने रविवार को खुद सफाई का बीड़ा उठाया। फावड़ा, बेलचा, झाड़ू, बांस लेकर न सिर्फ नाला साफ किया, बल्कि टूटे पाइप की मरम्मत भी की। पांच गाड़ी सिल्ट भी उठाकर फेंका।
मुंशीपुरवा डाकखाना रोड पर हफ्ते भर से नाला जाम होने से गंदा पानी सड़क पर भर रहा था। गंदा पानी बैकफ्लो होकर पप्पू, सोनू, चांद मोहम्मद समेत पांच लोगों के घरों में घुसने लगा। लोग गंदे पानी से होकर घर जाने - आने के लिए मजबूर हो गए।
क्षेत्र के मोहम्मद याशिर ने बताया कि शुरुआत में क्षेत्रीय सफाई कर्मचारियों, सफाई नायक से कहा, पर उन्होंने टाल दिया। क्षेत्रीय पार्षद धर्मनाथ मिश्रा को मौके पर ले जाकर समस्या दिखाई, पर कुछ नहीं हुआ। तीन दिन पहले नगर निगम जोनल कार्यालय में अधिकारियों से नाला साफ कराने की गुहार लगाई गई, पर सफाई नहीं हुई।
इससे स्थिति बद से बदतर होती जा रही थी। हालात से हलाकान लोगों ने सुबह 10 बजे मोहल्ले में मीटिंग की और स्वयं नाला साफ करने का संकल्प लिया। एक घंटे बाद पप्पू, सोनू, चांद मोहम्मद, अकील शानू, जानू, बच्चा, शान मोहम्मद, रिजवान हामी, मोहम्मद यासिर अपने घरों से फावडे़, बेलचे, बांस, झाड़ूू एकत्रित किए।
मोहम्मद याशिर के घर के पास खड़ी हाथ कूड़ा गाड़ी भी उठा लाए। इसके बाद गंदे पानी से भरी सड़क पर खड़े होकर सफाई अभियान शुरू किया। डेढ़ घंटे मशक्कत के बाद पानी निकला तो सिल्ट निकालना शुरू किया। सिल्ट को हाथ ठेले में भरकर नयापुल के पास स्थित मैदान में फेंका।
एक - एक कर पांच ठेला सिल्ट निकाली और उसे ले जाकर फेंका। इसके बाद नाले का एक पाइप टूटा नजर आया। इन्हीं लोगों ने सीमेंट, मौरंग लाकर पाइप जोड़ा।
मुंशीपुरवा में सीवर लाइन जाम थी। जल कल विभाग को इसे साफ कराना चाहिए। फिर भी वहां दो - तीन कर्मचारी भेजे गए थे।
- डॉ. पंकज श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम