डेरापुर। यूपी में कानून का नहीं, बल्कि खौफ और भ्रष्टाचार का शासन है। एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। अभिलेख होने के बाद भी लोग परेशान हो रहे हैं। यह बातें मंगलवार को डेरापुर में वार्ता करते हुए सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरसेन यादव ने कहीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। कानून व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। आज बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अपराधी पुलिस की नाक के नीचे से फरार होकर पड़ोसी देशों में पनाह ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि फर्जी एनकाउंटर के नाम पर केवल एक खास वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है जबकि असली माफिया सरकार की गोद में बैठे हैं।
विकास के दावों को खोखला बताते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। सोना आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है, युवाओं के पास रोजगार नहीं है और किसान अपनी उपज का सही दाम पाने के लिए दर-दर भटक रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का विकास केवल विज्ञापनों और होर्डिंग्स तक सीमित है। धरातल पर जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। कहा कि आगामी चुनाव की आहट देख भाजपा घबरा गई है। वोटर लिस्टों में धांधली कर रही है। जिन बूथों पर समाजवादी पार्टी मजबूत है, वहां फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल कर सपा समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं। चुनाव आयोग को निष्पक्षता दिखानी चाहिए, न कि भाजपा के सहयोगी दल की तरह काम करना चाहिए।
कहा कि प्रदेश की जनता अब भाजपा के झूठ के जाल को समझ चुकी है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग एकजुट होकर 2027 के चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का काम करेगा। इस मौके राजा यादव, हिम्मत सिंह यादव ,कैप्टन राम शंकर प्रजापति, ब्रजमोहन सिंह, ब्रजेश गौतम, रामसिंह दोहरे आदि लोग उपस्थित रहे।