कानपुर। नगर निगम में टेंडर के लिए सिर्फ फर्जीवाड़ा ही नहीं बल्कि गुंडई भी चरम तक की जाती है। वाई ब्लाॅक किदवईनगर निवासी ठेकेदार सनी सिंह भदौरिया का आरोप है कि जुलाई में माफिया ठेकेदार गोविंद शर्मा और उसके साथियों संदीप जैन और रज्जन बाजपेई ने उससे 10 लाख की रंगदारी मांगी और टेंडर से हाथ खींचने का दबाव भी डाला। सनी की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ फजलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सनी ने पुलिस को बताया कि उसकी फर्म एस एंड बी इंफ्रास्ट्राक्चर डेवलपर्स के नाम से है। उसने नगर निगम में एक काम के लिए टेंडर डाल रखा था। 20 जुलाई को गोविंद शर्मा ने उसे फोन कर धमकाया कि उक्त काम के लिए डाला गया टेंडर वापस ले ले और अपनी जान की सलामती चाहते हो तो तत्काल 10 लाख का इंतजाम करो। गोविंद का कहना था कि वह टेंडर तिरुपति व जगदंबा कंपनी को मिलना है। लगातार दो-तीन दिन तक गोविंद और उसके साथी संदीप जैन व रज्जन उसे फोन पर धमकाते रहे। इस पर उसने 10 अगस्त को किसी तरह एक लाख रुपये का इंतजाम कर गोविंद को दिए और टेंडर से नाम हटवाने के लिए भी अधिकारियों को पत्र लिख दिया।
फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडे ने बताया कि सनी की तहरीर पर तीनों के खिलाफ धमकाने और रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया गया है।