कानपुर। पीओ परीक्षा में सॉल्वरों का गिरोह पहुंचाने वाले सरगना मनीष की तलाश में पुलिस की कई टीमें मध्य प्रदेश पहुंच गई हैं। पकड़े गए आरोपियों ने उसके एमपी के एक शहर में छिपे होने की जानकारी दी है। वहीं एसटीएफ अपने स्तर पर जांच कर रही है। दिव्यांगता प्रमाण पत्र की जांच के लिए सीएमओ दफ्तर के रिकार्ड खंगाल सकती है।
शनिवार को पीओ की परीक्षा के दौरान एसटीएफ और सचेंडी पुलिस ने अभ्यर्थी, दो सॉल्वर और बैंक मैनेजर को गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में पता चला था कि फर्जी दिव्यांगता का प्रमाणपत्र बनवाने और अधिक पढ़े-लिखे लोगों को अभ्यर्थियों का मददगार बनाने का ठेका झांसी निवासी मनीष लेता था।
सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि अविनाश, अंकित और राहुल में से किसने और कहां से मनीष से संपर्क किया था। इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस उन लोगों का पता कर रही है, जो चार माह पूर्व मनीष के साथ जेल गए थे। उनकी वर्तमान लोकेशन खंगाली जा रही है।